शिमला में ई-कचरा संग्रहण वाहनों की शुरुआत: हरित हिमाचल की ओर एक कदम
Gaon Connection | May 04, 2026, 18:49 IST
शिमला नगर निगम ने कचरा प्रबंधन के लिए 10 इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाई है। यह कदम राज्य को हरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन ई-वाहनों से निगम के खर्चों में भी कमी आएगी। इन वाहनों ने पहाड़ी रास्तों पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। यह शहर में प्रदूषण कम करने में मदद करेगा।
CM सुक्खू ने नगर निगम शिमला के 10 इलेक्ट्रिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को राज्य सचिवालय से नगर निगम, शिमला के लिए 10 इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कदम से शिमला नगर निगम राज्य का पहला शहरी निकाय बन गया है जिसने कचरा प्रबंधन के लिए अपने बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना शुरू कर दिया है।
यह पहल राज्य को एक हरित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है। यह उनके सरकार के पहले बजट में भी शामिल था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी लगन से काम कर रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच, इन ई-वाहनों से शिमला नगर निगम के खर्चों में भी कमी आएगी।
इन इलेक्ट्रिक वाहनों को शहर की सड़कों पर आसानी से चलाने के लिए यह ट्रायल रन आयोजित किए गए थे। परीक्षणों के दौरान, वाहनों ने शिमला के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। विभिन्न मौसम और सड़क की परिस्थितियों में भी इन वाहनों की क्षमता जांची गई।
नगर निगम ने इन परीक्षणों के नतीजों पर संतोष व्यक्त किया है। यह कदम शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
हर एक इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन की एक टन कचरा इकट्ठा करने की क्षमता है। इन वाहनों को 13.98 लाख रुपये प्रति वाहन की लागत से खरीदा गया है। इन वाहनों के कुशल और सुविधाजनक उपयोग के लिए नगर निगम पार्किंग सुविधा में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी स्थापित किया गया है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर, प्रत्येक वाहन लगभग 130 से 150 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह पहल हिमाचल प्रदेश को एक हरा-भरा राज्य बनाने के राज्य सरकार के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। ई-वाहनों का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह लंबी अवधि में परिचालन लागत को कम करने में भी मदद करेगा। यह कदम शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक मिसाल कायम करेगा कि वे भी अपने बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलें।
प्रदेश में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा
10 से 14 नवंबर के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के ट्रायल रन
नगर निगम ने इन परीक्षणों के नतीजों पर संतोष व्यक्त किया है। यह कदम शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।