छत्तीसगढ़ के आदिवासी गाँवों में लगेंगे 113 हैंडपंप, एक महीने में पूरा होगा काम
Gaon Connection | May 07, 2026, 15:28 IST
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोगों को जल्द ही पीने का साफ पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन एक महीने में 113 नए हैंडपंप और बोरवेल लगाएगा। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी।
पहाड़ी कोरवा बस्तियों में दूर होगी पानी की समस्या
छत्तीसगढ़ के दूरदराज आदिवासी इलाकों में पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। सरगुजा जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) पहाड़ी कोरवा समुदाय के गाँवों में पानी की समस्या दूर करने के लिए 113 हैंडपंप और बोरवेल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद प्रशासन ने एक महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ी कोरवा समुदाय के लोग लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। कई गाँवों में लोगों को पानी के लिए दूर स्थित पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसे देखते हुए सरगुजा जिला प्रशासन ने 113 नए हैंडपंप और बोरवेल लगाने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इससे सैकड़ों दूरस्थ और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में सरगुजा के दूरस्थ इलाकों में पेयजल संकट पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने जिला कलेक्टर को तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि जंगलों और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रहने चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने संबंधित विभागों को एक महीने के भीतर सभी हैंडपंप और बोरवेल का काम पूरा करने का आदेश दिया है। प्रशासन ने पहले ही जमीनी सर्वे पूरा कर लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह काम जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से कराया जाएगा। सबसे ज्यादा 34 हैंडपंप और बोरवेल लुंड्रा ब्लॉक में लगाए जाएंगे। इसके अलावा बतौली में 6, लखनपुर में 22, अंबिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 और उदयपुर ब्लॉक में 4 हैंडपंप व बोरवेल स्थापित किए जाएंगे। कलेक्टर अजीत वसंत ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहाड़ी कोरवा बस्तियों में पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।