देश के 30% बड़े जलाशयों में 80% से ज्यादा पानी, 13 पूरी तरह भरे; जानें कहाँ कितना पानी
Gaon Connection | Sept 04, 2026, 11:46 IST
देश के 166 प्रमुख जलाशयों में से करीब 30 प्रतिशत में पानी उनकी क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार 183.565 BCM क्षमता वाले जलाशयों में 129.87 BCM पानी है, यानी 56.76 प्रतिशत भंडारण। मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में स्तर 80 प्रतिशत से ऊपर है। 13 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र के पांच शामिल हैं। हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून 13 प्रतिशत कमजोर है।
बारिश के बीच बड़े जलाशयों में बढ़ा जलस्तर
देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडार इस सप्ताह बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आंकड़ों के मुताबिक भारत के 166 प्रमुख जलाशयों में से कम से कम 30 प्रतिशत में जल भंडारण उनकी कुल क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों के जलाशयों में भी भंडारण 80 प्रतिशत के स्तर को पार कर गया है। कुल 183.565 अरब घन मीटर (BCM) क्षमता वाले 129 जलाशयों में इस सप्ताह 129.87 BCM पानी मौजूद रहा, जो उनकी क्षमता का 56.76 प्रतिशत है।
हालांकि जलाशयों में पानी का स्तर कई क्षेत्रों में मजबूत बना हुआ है, लेकिन यह पिछले साल की समान अवधि और पिछले 10 वर्षों के सामान्य स्तर से नीचे है। देश के पांच में से चार क्षेत्रों में जल भंडारण 60 प्रतिशत से अधिक रहा, जबकि दक्षिणी क्षेत्र में इस सप्ताह भंडारण स्तर में गिरावट दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 3 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से 13 प्रतिशत कम रहा है और देश के 734 जिलों में से 47 प्रतिशत में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। आने वाले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना के बीच जलाशयों का स्तर और बढ़ सकता है।
केंद्रीय जल आयोग की साप्ताहिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, देश के 13 प्रमुख जलाशय इस समय पूरी तरह भर चुके हैं। इनमें अकेले महाराष्ट्र के पांच जलाशय शामिल हैं। दूसरी ओर, 51 जलाशयों में पानी उनकी कुल क्षमता के 50 प्रतिशत से भी कम है। इससे पता चलता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जल भंडारण की स्थिति एक जैसी नहीं है। जहां कुछ क्षेत्रों में जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंच चुका है, वहीं कई जलाशयों में अभी भी भंडारण अपेक्षाकृत कम बना हुआ है।
देश के प्रमुख जलाशयों के क्षेत्रवार आंकड़ों में मध्य और पश्चिमी क्षेत्र इस सप्ताह सबसे मजबूत स्थिति में रहे। दोनों क्षेत्रों में जल भंडारण उनकी कुल क्षमता के 80 प्रतिशत से अधिक रहा। वहीं पांच में से चार क्षेत्रों में भंडारण 60 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है। हालांकि दक्षिणी क्षेत्र में इस सप्ताह जलाशयों के स्तर में कमी आई है। कुल मिलाकर प्रमुख जलाशयों में उपलब्ध पानी 129.87 BCM है, जो 183.565 BCM की कुल क्षमता का 56.76 प्रतिशत है।
IMD के आंकड़ों के अनुसार, 3 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून देश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम रहा। 734 जिलों में से 47 प्रतिशत जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद अगले कुछ दिनों में कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। CWC के मुताबिक बारिश का यह सिलसिला जारी रहा तो प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। हालांकि, मौजूदा जल भंडारण पिछले वर्ष की इसी अवधि और पिछले 10 वर्षों के सामान्य स्तर से कम है।
हालांकि जलाशयों में पानी का स्तर कई क्षेत्रों में मजबूत बना हुआ है, लेकिन यह पिछले साल की समान अवधि और पिछले 10 वर्षों के सामान्य स्तर से नीचे है। देश के पांच में से चार क्षेत्रों में जल भंडारण 60 प्रतिशत से अधिक रहा, जबकि दक्षिणी क्षेत्र में इस सप्ताह भंडारण स्तर में गिरावट दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 3 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से 13 प्रतिशत कम रहा है और देश के 734 जिलों में से 47 प्रतिशत में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। आने वाले कुछ दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना के बीच जलाशयों का स्तर और बढ़ सकता है।