अगले 7 दिन मौसम का डबल अटैक! कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
Preeti Nahar | Jun 08, 2026, 09:29 IST
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ मानसून पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में तेजी से सक्रिय हो रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई इलाकों में अभी भी लू और भीषण गर्मी का खतरा बना हुआ है। IMD ने 7 से 13 जून के बीच कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
यूपी में बढ़ रही है गर्मी
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अब दो अलग-अलग तस्वीरें दिखा रहा है। जहां पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में मौसम काफी उतार-चढ़ाव वाला रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
हालांकि राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकती। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 और 11 जून को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 9 से 11 जून के बीच लू चलने की आशंका जताई है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में भी गर्म हवाओं का असर बढ़ सकता है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कई इलाकों में तेज हवाएं 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं।
विशेष रूप से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बिहार में बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। किसानों को खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है, इसलिए उमस और गर्मी दोनों का असर बना रह सकता है।
कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मानसून सक्रिय बना हुआ है। कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हो सकती है। खासकर गोवा और कोंकण क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन सकती है।
विदर्भ में बारिश के बावजूद तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
दक्षिण भारत में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है। केरल, तटीय कर्नाटक और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि जिन क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट है, वहां किसान खुले खेतों में काम करने से बचें। फसलों की कटाई और भंडारण का काम मौसम को देखते हुए करें। वहीं आम लोगों को भी खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर अगले कुछ दिन देश के लिए मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। कहीं मानसून की तेज बारिश परेशानी बढ़ाएगी तो कहीं लू और उमस लोगों को बेहाल कर सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कुछ अन्य इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में किसानों से लेकर आम लोगों तक सभी को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत: बारिश भी, लू भी
हालांकि राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकती। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 और 11 जून को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जून और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 9 से 11 जून के बीच लू चलने की आशंका जताई है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में भी गर्म हवाओं का असर बढ़ सकता है।
पूर्वोत्तर भारत: लगातार भारी बारिश का खतरा
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल रहें सावधान
विशेष रूप से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और बिहार में बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। किसानों को खेतों में काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत: आंधी और बारिश का मिश्रण
पश्चिम भारत: महाराष्ट्र और गोवा में मानसून की रफ्तार तेज
विदर्भ में बारिश के बावजूद तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
दक्षिण भारत: केरल और कर्नाटक में सबसे ज्यादा खतरा
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
कुल मिलाकर अगले कुछ दिन देश के लिए मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। कहीं मानसून की तेज बारिश परेशानी बढ़ाएगी तो कहीं लू और उमस लोगों को बेहाल कर सकती है।