बंगाल की खाड़ी में बना मजबूत सिस्टम, पूर्वी भारत की ओर बढ़ा मानसून, 22-23 जून से पश्चिमी तट पर फिर तेज़ बारिश के आसार
Gaon Connection | Jun 11, 2026, 11:51 IST
मानसून की सक्रियता फिलहाल पश्चिमी तट से पूर्वी भारत की ओर बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम बनने से बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश तेज होने के आसार हैं। वहीं ECMWF के अनुसार 22-23 जून से कर्नाटक, गोवा, मुंबई और दक्षिण गुजरात में मानसून का नया मजबूत दौर लौट सकता है।
मानसून की नई चाल से बदलेगा मौसम
जून के दूसरे सप्ताह में मानसून का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। पश्चिमी तट पर शुरुआती दौर की तेज बारिश के बाद अब मानसून की सक्रियता बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत की ओर खिसक गई है। मौसम प्रणालियों में हो रहे बदलाव के चलते बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं केरल, कर्नाटक और गोवा में फिलहाल बारिश की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली। यूरोपीय मौसम मॉडल (ECMWF) के संकेत हैं कि 22-23 जून के आसपास मानसून का एक नया और मजबूत दौर पश्चिमी तट पर दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से तटीय कर्नाटक और गोवा से लेकर कोंकण, मुंबई और दक्षिण गुजरात तक भारी बारिश होने की संभावना है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में मजबूत होती मानसूनी हवाएं और उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की तैयारी में हैं। ऐसे में पूर्वी भारत से लेकर पश्चिमी तट तक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां फिर जोर पकड़ सकती हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी हवाएं मजबूत हुई हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु तट के आसपास बादलों का घनत्व भी बढ़ा है। इसके चलते पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने लगी हैं।
मानसून का शुरुआती दौर पश्चिमी तट पर अपनी ऊर्जा काफी हद तक खर्च कर चुका है। गुरुवार सुबह कर्नाटक-केरल तट के मंगलुरु-कन्नूर क्षेत्र में सबसे ज्यादा गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। वहीं त्रिशूर से तिरुवनंतपुरम और तमिलनाडु के नागरकोइल तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहीं।
यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) के अनुमान के मुताबिक 22-23 जून के आसपास मानसून का नया और मजबूत दौर पश्चिमी तट पर दस्तक दे सकता है। इसकी शुरुआत तटीय कर्नाटक और गोवा से होगी, जिसके बाद बारिश का दायरा कोंकण, मुंबई और दक्षिण गुजरात के सूरत तक फैल सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों के दौरान बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। पश्चिम बंगाल के मैदानी और पर्वतीय इलाकों, सिक्किम तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
उधर एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश कर चुका है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में यह सिस्टम गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के साथ मिलकर आंधी-तूफान और बारिश की स्थिति पैदा कर सकता है।
आईएमडी के अनुसार अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।