क्या महंगी होगी चाय की प्याली! अल नीनो और कमज़ोर मानसून से दूध महँगा होने की आशंका, 4% तक बढ़ सकते हैं दाम

Gaon Connection | Jun 21, 2026, 15:48 IST
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अल नीनो और कमज़ोर मानसून के कारण पशु चारे की कमी बढ़ने की आशंका है, जिससे जुलाई या अगस्त तक दूध की क़ीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह के अनुसार, दूध के दाम 3-4 प्रतिशत और बढ़ सकते हैं। डेयरी कंपनियाँ स्थिति पर नज़र रख रही हैं, जबकि महाराष्ट्र ने चारा उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है।

कम बारिश से बढ़ी डेयरी सेक्टर की चिंता
कम बारिश से बढ़ी डेयरी सेक्टर की चिंता
देशभर में दूध की क़ीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो सकती है। डेयरी उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यदि अल नीनो की स्थिति और सामान्य से कम बारिश का दौर जारी रहता है तो जुलाई या अगस्त तक दूध के दाम फिर बढ़ सकते हैं। इससे पहले मई में देश की प्रमुख डेयरी कंपनियाँ दूध की क़ीमतों में 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुकी हैं।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि कम बारिश का सीधा असर पशुओं के चारे और पानी की उपलब्धता पर पड़ता है। चारे की कमी होने पर पशुपालकों को पशुओं की संख्या कम करनी पड़ सकती है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है। उत्पादन घटने की स्थिति में बाज़ार में आपूर्ति कम होती है और दूध की क़ीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

जुलाई तक 3-4 प्रतिशत और बढ़ सकते हैं दाम

पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने कहा कि दूध की क़ीमतें पहले ही लगभग 2 से 3 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि प्रमुख दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहती है तो जुलाई तक दूध के दामों में 3 से 4 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। देवेंद्र शाह ने कहा, "दूध की क़ीमतें पहले ही लगभग 2-3 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं और यदि प्रमुख दुग्ध उत्पादक क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो जुलाई तक इसमें 3-4 प्रतिशत की और बढ़ोतरी संभव है।"**

चारे की कमी को लेकर बढ़ी चिंता

महाराष्ट्र सरकार ने संभावित चारा संकट को देखते हुए किसानों से चारा उत्पादन बढ़ाने की अपील की है। राज्य के पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल ने कहा कि अल नीनो के कारण निकट भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। किरण पाटिल ने कहा, "अल नीनो के कारण निकट भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह स्थिति पशुधन और दूध उत्पादन को प्रभावित न करे, इसके लिए राज्य के सभी पशुपालकों को अभी से सतर्क रहकर चारा फसलों की योजना बनानी चाहिए।" डेयरी कंपनियाँ भी संभावित संकट को देखते हुए पशुपालकों के साथ मिलकर चारा प्रबंधन की योजना पर काम कर रही हैं।

स्थिति पर नज़र रख रही हैं डेयरी कंपनियाँ

अमूल ने कहा है कि वह मानसून की प्रगति का आकलन करने के बाद ही दूध की क़ीमतों में किसी संभावित बदलाव पर फैसला करेगा। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के प्रबंध निदेशक जयन मेहता ने कहा कि फिलहाल दूध की उपलब्धता पर एल नीनो का कोई तत्काल प्रभाव नहीं दिख रहा है। जयन मेहता ने कहा, "अल नीनो का दूध की उपलब्धता पर अभी कोई तत्काल असर नहीं है। सामान्य से कम बारिश का प्रभाव अक्सर कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित रहता है, पूरे देश पर नहीं।" वहीं मदर डेयरी ने कहा है कि वह अपने खरीद नेटवर्क वाले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी के अनुसार, जहाँ ज़रूरत होगी वहाँ प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँगे।

मई में बढ़ चुके हैं दूध के दाम

यह आशंका ऐसे समय में सामने आई है जब अमूल और मदर डेयरी ने मई में दूध की क़ीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। दोनों कंपनियों ने खरीद लागत, पशु चारे की बढ़ती लागत, पैकेजिंग खर्च और ईंधन की बढ़ी क़ीमतों को इसकी वजह बताया था। अमूल के अनुसार, यह बढ़ोतरी प्रति लीटर लगभग 2.5 से 3.5 प्रतिशत के बराबर थी। वहीं मदर डेयरी ने कहा था कि किसानों को दिए जाने वाले खरीद मूल्य में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के सरकारी डेयरी ब्रांड आविन (Aavin) ने भी गर्मी की लहर के कारण उत्पादन प्रभावित होने से आपूर्ति में कटौती की है।
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