कृषि नीलामी होगी पूरी तरह डिजिटल, किसानों को मिलेगा पारदर्शी बाज़ार; अमित शाह ने लॉन्च किया NAFEX. in पोर्टल
Gaon Connection | Jun 23, 2026, 13:25 IST
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कृषि उत्पादों की नीलामी को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए NAFEX. in पोर्टल लॉन्च किया। इसके साथ किसानों के बच्चों के लिए NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति, दलहन-तिलहन प्रबंधन हेतु DRISHTI इन्वेंटरी पोर्टल और NAFED की कार्यप्रणाली को मज़बूत करने के लिए ERP पोर्टल की भी शुरुआत की गई। सरकार का कहना है कि ये पहलें किसानों को बेहतर बाज़ार और सुविधाएँ उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
NAFED ने बढ़ाया डिजिटलीकरण का दायरा
कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री और नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज़ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। किसानों और सहकारी संस्थाओं को बेहतर विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) के डिजिटल ऑक्शन पोर्टल NAFEX. in का शुभारंभ किया। सरकार का मानना है कि यह प्लेटफ़ॉर्म कृषि उत्पादों की नीलामी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ बाज़ार तक पहुँच को भी अधिक सुगम बनाएगा।
डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच कृषि क्षेत्र को भी नई प्रणालियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में शुरू किए गए NAFEX. in पोर्टल से किसानों, सहकारी समितियों और अन्य हितधारकों को एक पारदर्शी एवं व्यवस्थित नीलामी मंच उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस दौरान किसानों के बच्चों की शिक्षा, कृषि उत्पादों के भंडारण प्रबंधन और संस्थागत कार्यप्रणाली को मज़बूत करने से जुड़ी कई नई पहलों की भी शुरुआत की गई।
NAFEX. in एक डिजिटल ऑक्शन प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे कृषि उत्पादों की नीलामी प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से नीलामी से जुड़ी गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों, सदस्य संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी। सरकार के अनुसार, कृषि उत्पादों की खरीद और बिक्री से जुड़ी प्रक्रियाएँ अब डिजिटल माध्यम से अधिक तेज़, प्रभावी और सुचारु रूप से संचालित की जा सकेंगी। इससे बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और उत्पादों के बेहतर मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान NAFEX. in पोर्टल पर लाइव पंजीकरण प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत भी की गई। सरकार का कहना है कि यह प्लेटफ़ॉर्म कृषि विपणन व्यवस्था को मज़बूत करने और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में किसानों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति योजना की भी शुरुआत की गई। इस पहल के तहत किसान परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह योजना विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने और उनके बेहतर भविष्य के निर्माण में सहायक होगी।
दलहन और तिलहन के भंडारण एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से DRISHTI इन्वेंटरी मैनेजमेंट पोर्टल भी लॉन्च किया गया। इस पोर्टल के माध्यम से स्टॉक की जानकारी, निगरानी और प्रबंधन को आसान बनाया जा सकेगा। इससे उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
NAFED की आंतरिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष और तकनीक-संचालित बनाने के लिए ERP पोर्टल की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से संस्था के विभिन्न कार्यों का संचालन डिजिटल रूप से किया जा सकेगा, जिससे कामकाज में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।
केंद्र सरकार के अनुसार, NAFEX. in, NAFED-KALYAN छात्रवृत्ति, DRISHTI और ERP जैसी पहलें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विज़न को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। NAFED कृषि विपणन, खरीद और सहकारी व्यापार के क्षेत्र में किसानों को सहायता प्रदान करने वाली प्रमुख संस्था है। इन डिजिटल पहलों के माध्यम से किसानों को बेहतर बाज़ार, पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के बाद अमित शाह ने NAFED के निदेशक मंडल के सदस्यों के साथ बैठक भी की। इस दौरान संस्था की वर्तमान गतिविधियों, प्रगति और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पहले दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई और आगामी कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा की गई।
डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच कृषि क्षेत्र को भी नई प्रणालियों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में शुरू किए गए NAFEX. in पोर्टल से किसानों, सहकारी समितियों और अन्य हितधारकों को एक पारदर्शी एवं व्यवस्थित नीलामी मंच उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस दौरान किसानों के बच्चों की शिक्षा, कृषि उत्पादों के भंडारण प्रबंधन और संस्थागत कार्यप्रणाली को मज़बूत करने से जुड़ी कई नई पहलों की भी शुरुआत की गई।