Apple Farming: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हिमाचल में सेब की फसल प्रभावित, 20 साल में सबसे कम उत्पादन की आशंका
Preeti Nahar | May 21, 2026, 11:54 IST
हिमाचल प्रदेश में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने इस बार सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव का असर सेब की फसल पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर रसेट वैरायटी के बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। सरकार और विशेषज्ञों को आशंका है कि इस साल सेब उत्पादन पिछले दो दशकों में सबसे कम रह सकता है, जिससे किसानों की आय पर बड़ा असर पड़ सकता है।
हिमाचल में मौसम का कहर, बागवानी पर जलवायु परिवर्तन का असर
हिमाचल प्रदेश में इस बार मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अचानक बढ़ती गर्मी के कारण सेब समेत कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार का कहना है कि इस साल सेब उत्पादन पिछले 20 वर्षों में सबसे कम रहने की आशंका है।
शिमला में हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री Jagat Singh Negi ने कहा कि इस बार प्रदेश में मौसम बेहद असामान्य रहा। कभी अत्यधिक गर्मी तो कभी अचानक बारिश ने खेती और बागवानी दोनों को प्रभावित किया है। कई इलाकों में बेमौसम बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फलों की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा कि मौसम की अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर सेब की खेती पर पड़ा है। खासकर रसेट वैरायटी के सेब उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ओलावृष्टि और नमी के कारण फलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार के अनुसार इस बार सेब उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और जलवायु परिवर्तन का असर अब सीधे हिमाचल की बागवानी पर दिखाई देने लगा है।
हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख सेब उत्पादक राज्यों में शामिल है और लाखों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में उत्पादन में कमी का असर किसानों की आय और प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक बदलाव, असमय बारिश और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं अब सामान्य होती जा रही हैं। इससे पारंपरिक बागवानी पैटर्न प्रभावित हो रहा है। किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर राहत पैकेज देने की मांग की है।
मौसम की मार से परेशान बागवान
हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री Jagat Singh Negi
उन्होंने कहा कि मौसम की अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर सेब की खेती पर पड़ा है। खासकर रसेट वैरायटी के सेब उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ओलावृष्टि और नमी के कारण फलों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
20 साल में सबसे कम उत्पादन की आशंका
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि, सेब किसानों को नुकसान
हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख सेब उत्पादक राज्यों में शामिल है और लाखों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। ऐसे में उत्पादन में कमी का असर किसानों की आय और प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।
जलवायु परिवर्तन बना बड़ी चुनौती
ओलावृष्टि से बागवान परेशान, 20 साल में सबसे कम उत्पादन