Aqua Expo 2026: मछली पालकों के लिए नई तकनीक और कमाई के मौका
Gaon Connection | Feb 06, 2026, 13:39 IST
उत्तर प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर Aqua Expo का आयोजन होने जा रहा है। 27–28 फरवरी 2026 को लखनऊ में होने वाला Aquaex Lucknow मत्स्य किसानों को नई तकनीक, सरकारी योजनाओं और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर देगा, जिससे उनकी आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।
मछली पालन से जुड़े किसानों और उद्यमियों के लिए ये बढ़िया मौका है, उत्तर प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर Aqua Expo का आयोजन होने जा रहा है, जो मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के लिए नए अवसरों के दरवाज़े खोल सकता है।
यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनने जा रहा है जहाँ मत्स्य किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप, इनपुट सप्लायर्स, निजी कंपनियाँ, राज्य मत्स्य विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) जैसे संस्थान एक साथ आएँगे। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को नई तकनीकों, बेहतर प्रबंधन तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता और आमदनी दोनों बढ़ सके।
27-28 फरवरी 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाला Aquaex Lucknow 2026 प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक बेहतरीन कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य पालन तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते तालाब निर्माण, मछली बीज उत्पादन, फीड प्रबंधन और मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है। कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनाने लगे हैं, जिससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं। ऐसे समय में Aqua Expo जैसा आयोजन किसानों को सीधे नई जानकारी और बाजार से जोड़ने का काम करेगा।
इस एक्सपो में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), बायोफ्लॉक तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज, आधुनिक फीड, एरेशन सिस्टम और पानी की गुणवत्ता प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ये तकनीकें कम जगह और कम पानी में अधिक उत्पादन देने में मदद करती हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी मत्स्य पालन से अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
इसके अलावा, एक्सपो में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। कई बार किसानों को योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती या आवेदन प्रक्रिया समझ में नहीं आती, जिसके कारण वे लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस आयोजन में विभागीय अधिकारी सीधे किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ के बारे में समझाएँगे।
Aquaex Lucknow 2026 की एक खास बात यह भी होगी कि इसमें किसानों को सीधे कंपनियों और विशेषज्ञों से जुड़ने का मौका मिलेगा। आमतौर पर किसानों और कंपनियों के बीच दूरी होती है, जिससे सही जानकारी और उचित दाम तक पहुँचने में दिक्कत होती है। इस मंच पर किसान नई मशीनरी, फीड, दवाइयों और उपकरणों के बारे में सीधे निर्माताओं से जानकारी ले सकेंगे और अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।
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इस एक्सपो में कई स्टार्टअप और नवाचार भी देखने को मिलेंगे। आजकल मत्स्य पालन में डिजिटल मॉनिटरिंग, स्मार्ट फीडिंग सिस्टम, पानी की गुणवत्ता मापने वाले सेंसर और मोबाइल ऐप आधारित समाधान तेजी से विकसित हो रहे हैं। ये तकनीकें किसानों की मेहनत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती हैं। ऐसे नवाचारों को देखकर किसान अपने खेतों और तालाबों में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मत्स्य पालन को सही तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाए, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन सकता है। खासकर उन इलाकों में जहाँ सिंचाई की सुविधा सीमित है या जमीन कम है, वहाँ मत्स्य पालन किसानों के लिए स्थायी आमदनी का विकल्प बन सकता है।
Aquaex Lucknow 2026 जैसे आयोजन इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं। यह न सिर्फ किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी देगा जहाँ वे अपने सवालों के जवाब पा सकें, नए संपर्क बना सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा तय कर सकें।
जो किसान मत्स्य पालन से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक्सपो सीखने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। लखनऊ आकर इस आयोजन का हिस्सा बनना, आधुनिक मत्स्य पालन की नई दिशा समझने और अपनी आय बढ़ाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनने जा रहा है जहाँ मत्स्य किसान, वैज्ञानिक, स्टार्टअप, इनपुट सप्लायर्स, निजी कंपनियाँ, राज्य मत्स्य विभाग और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) जैसे संस्थान एक साथ आएँगे। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े किसानों को नई तकनीकों, बेहतर प्रबंधन तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है, ताकि उनकी उत्पादन क्षमता और आमदनी दोनों बढ़ सके।
27-28 फरवरी 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाला Aquaex Lucknow 2026 प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक बेहतरीन कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य पालन तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते तालाब निर्माण, मछली बीज उत्पादन, फीड प्रबंधन और मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है। कई किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को भी अपनाने लगे हैं, जिससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं। ऐसे समय में Aqua Expo जैसा आयोजन किसानों को सीधे नई जानकारी और बाजार से जोड़ने का काम करेगा।
इस एक्सपो में आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), बायोफ्लॉक तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज, आधुनिक फीड, एरेशन सिस्टम और पानी की गुणवत्ता प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। ये तकनीकें कम जगह और कम पानी में अधिक उत्पादन देने में मदद करती हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी मत्स्य पालन से अच्छा लाभ कमा सकते हैं।
जो किसान मत्स्य पालन से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक्सपो सीखने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है।
इसके अलावा, एक्सपो में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। कई बार किसानों को योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती या आवेदन प्रक्रिया समझ में नहीं आती, जिसके कारण वे लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस आयोजन में विभागीय अधिकारी सीधे किसानों से संवाद करेंगे और उन्हें आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और लाभ के बारे में समझाएँगे।
Aquaex Lucknow 2026 की एक खास बात यह भी होगी कि इसमें किसानों को सीधे कंपनियों और विशेषज्ञों से जुड़ने का मौका मिलेगा। आमतौर पर किसानों और कंपनियों के बीच दूरी होती है, जिससे सही जानकारी और उचित दाम तक पहुँचने में दिक्कत होती है। इस मंच पर किसान नई मशीनरी, फीड, दवाइयों और उपकरणों के बारे में सीधे निर्माताओं से जानकारी ले सकेंगे और अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।
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इस एक्सपो में कई स्टार्टअप और नवाचार भी देखने को मिलेंगे। आजकल मत्स्य पालन में डिजिटल मॉनिटरिंग, स्मार्ट फीडिंग सिस्टम, पानी की गुणवत्ता मापने वाले सेंसर और मोबाइल ऐप आधारित समाधान तेजी से विकसित हो रहे हैं। ये तकनीकें किसानों की मेहनत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती हैं। ऐसे नवाचारों को देखकर किसान अपने खेतों और तालाबों में नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मत्स्य पालन को सही तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाए, तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन सकता है। खासकर उन इलाकों में जहाँ सिंचाई की सुविधा सीमित है या जमीन कम है, वहाँ मत्स्य पालन किसानों के लिए स्थायी आमदनी का विकल्प बन सकता है।
Aquaex Lucknow 2026 जैसे आयोजन इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं। यह न सिर्फ किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराएगा, बल्कि उन्हें एक ऐसा मंच भी देगा जहाँ वे अपने सवालों के जवाब पा सकें, नए संपर्क बना सकें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा तय कर सकें।
जो किसान मत्स्य पालन से जुड़े हैं या इस क्षेत्र में शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक्सपो सीखने और आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। लखनऊ आकर इस आयोजन का हिस्सा बनना, आधुनिक मत्स्य पालन की नई दिशा समझने और अपनी आय बढ़ाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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