असम में बाढ़ से भारी तबाही, नुकसान का आकलन करने पहुँचीं केंद्र की टीमें, रिपोर्ट के बाद पीड़ितों को मिलेगी मदद

Mansi | Jul 30, 2026, 18:32 IST
Share

केंद्र सरकार की टीम ने असम के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। टीम ने नागालैंड में हुई अत्यधिक वर्षा को बाढ़ का मुख्य कारण बताया। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री पहुँचाने की जानकारी दी। केंद्रीय टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी।

असम बाढ़: भारी बारिश से राहत नहीं
असम बाढ़: भारी बारिश से राहत नहीं
असम में हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की छह सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी टीम ने चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों का दौरा किया। दौरे के बाद टीम ने राज्य के मुख्य सचिव रवि कोटा के साथ समीक्षा बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों, पुनर्वास की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा की। राज्य सरकार ने भी टीम के सामने बाढ़ की वजहों और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी साझा की।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल. स्वीटी चांगसान ने बताया कि इस बार की बाढ़ असामान्य बारिश के कारण आई। उनके अनुसार, 19 जुलाई 2026 को नागालैंड में हुई अत्यधिक वर्षा और चराइदेव व शिवसागर जिलों में स्थानीय स्तर पर हुई भारी बारिश से हालात तेजी से बिगड़ गए। राज्य सरकार के मुताबिक, नागालैंड के मोकोकचुंग जिले में सामान्य से 493%, वोक्हा में 108 प्रतिशत, मोन में 45 प्रतिशत तथा पूरे नागालैंड में औसतन 181 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसका असर ऊपरी असम के कई जिलों में देखने को मिला, जहां जलभराव और बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई।

राहत और बचाव कार्यों की कैसी रही स्थिति?

राज्य सरकार ने केंद्रीय टीम को बताया कि बाढ़ के दौरान एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, स्थानीय स्वयंसेवकों और अन्य एजेंसियों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। प्रभावित परिवारों तक निर्धारित मानकों के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाई गई। इसके अलावा शिवसागर और चराइदेव जिलों में पड़ोसी जिलों से चावल, दाल, सरसों का तेल, नमक और मोमबत्तियों सहित आवश्यक सामग्री वाले जी.आर. किट भी भेजे जा रहे हैं, ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।

क्या बढ़ेगी एसडीआरएफ सहायता?

राज्य सरकार ने बताया कि चारों जिलों में नुकसान का विस्तृत आकलन अभी जारी है। बाढ़ का मौसम समाप्त होने के बाद अंतिम ज्ञापन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों के लिए एसडीआरएफ सहायता मानकों में राहत देने का अनुरोध भी किया, ताकि पुनर्वास कार्यों को गति मिल सके। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (DM-II) एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में केंद्रीय टीम ने 26 से 28 जुलाई के बीच प्रभावित जिलों का निरीक्षण किया। टीम ने आजीविका, कृषि, मकानों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का जायजा लिया। निरीक्षण पूरा होने के बाद टीम ने राज्य सरकार को आश्वस्त किया कि वह अपने निष्कर्ष और सिफारिशों वाली रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी, ताकि आगे की सहायता और आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

बाढ़ का पानी घटने के बाद अब प्रशासन का ध्यान नुकसान के अंतिम आकलन और पुनर्वास कार्यों पर रहेगा। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित जिलों को आवश्यक सहायता मिल सकेगी और राहत व पुनर्वास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।
Tags:
  • Assam Flood
  • Central Team
  • Flood Damage Assessment
  • SDRF
  • NDRF
  • Disaster Management
  • Relief Operations
  • Heavy Rainfall
  • Rehabilitation
  • ASDMA