Sugarcane पर्ची डिग्रेडेशन पर रोक: किसान की लिखित मंज़ूरी जरूरी, तभी होगी गन्ना तौल, चीनी मिलों पर सख्त कार्रवाई
Gaon Connection | Feb 25, 2026, 18:59 IST
अब किसान की लिखित सहमति के बिना कोई भी चीनी मिल गन्ना आपूर्ति पर्ची पर दर्ज प्रजाति को डिग्रेड करके तौल नहीं कर सकेगी। गन्ना विभाग ने साफ कहा है कि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है और शिकायत मिलने पर संबंधित मिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अगर ऐसा होता है तो विभागीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत इसकी शिकायत करें। पढ़िए पूरा मामला और जानें कौनसा है शिकायत हेल्पलाइन नंबर।
लिखित सहमति के चीनी मिलें नहीं करेंगी गन्ना आपूर्ति
गन्ना आयुक्त ने प्रदेश की चीनी मिलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अब किसानों की लिखित सहमति के बिना गन्ने की प्रजाति को बदलकर (डिग्रेड कर) तौल नहीं की जाएगी और न ही गन्ने को वापस भेजा जाएगा। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
गन्ना आयुक्त के संज्ञान में आया है कि कुछ चीनी मिलें किसानों को दी गई पर्ची पर लिखी गन्ने की प्रजाति को बदलकर, यानी उसे निम्न गुणवत्ता का बताकर, गन्ना खरीद रही हैं। इस संबंध में विभागीय टोल फ्री नंबर पर किसानों की शिकायतें भी पहुंची हैं। गन्ना आयुक्त ने साफ कर दिया है कि किसानों की लिखित सहमति के बिना ऐसा करने वाली मिलों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिला और संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि चीनी मिलें किसानों से गन्ने की प्रजाति बदलने के लिए उनकी लिखित सहमति जरूर लें। साथ ही, किसानों द्वारा लाए गए गन्ने को किसी भी सूरत में वापस न भेजा जाए। मिलों को किसानों को पूरी जानकारी देकर ही उनकी सहमति के बाद गन्ने की तौल करनी होगी।
किसानों से अपील की गई है कि अगर उन्हें गन्ना आपूर्ति के समय प्रजाति बदलने को लेकर कोई भी समस्या आती है, तो वे तुरंत विभागीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 121 3203 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ। विभाग ने किसानों को भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचाने के लिए प्रजाति परिवर्तन के बारे में जागरूक और प्रेरित करने की भी बात कही है। किसानों की शिकायतों पर विभाग की निगरानी तेज हो गई है और पर्ची डिग्रेड कर गन्ना खरीद पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गन्ना विभाग ने साफ कहा है कि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है और शिकायत मिलने पर संबंधित मिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
गन्ना आयुक्त कार्यालय को हाल के दिनों में यह शिकायतें मिली थीं कि कुछ चीनी मिलें किसानों की जानकारी और सहमति के बिना पर्ची पर दर्ज किस्म बदलकर गन्ना खरीद रही हैं। कई मामलों में किसानों को इसकी पूरी जानकारी भी नहीं दी जा रही थी। इस पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला और परिक्षेत्रीय अधिकारियों को निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई चीनी मिल गन्ने की किस्म डिग्रेड करना चाहती है, तो पहले किसान को पूरी बात सरल भाषा में समझानी होगी और उसकी लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा। बिना सहमति के गन्ना तौलना गलत माना जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि चीनी मिलें किसानों द्वारा आपूर्ति के लिए लाए गए गन्ने को किसी भी हालत में वापस न करें।
विभाग का कहना है कि हर शिकायत की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है। आगे ऐसी समस्याएँ न हों, इसके लिए गन्ना किसानों को प्रजाति परिवर्तन के प्रति भी जागरूक करने को कहा गया है। विभाग चाहता है कि किसान समय रहते उन्नत और मिलों के अनुकूल किस्मों की खेती करें, ताकि भविष्य में पर्ची डिग्रेड जैसी दिक्कतें न आएँ और किसान को नुकसान न उठाना पड़े।