बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्याकांड में बड़ा खुलासा, यूपी से तीन आरोपी गिरफ्तार, UPI ट्रांजैक्शन से लगा सुराग

Gaon Connection | May 11, 2026, 12:51 IST
Share
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद हुई थी। डिजिटल सुरागों और यूपीआई पेमेंट से मिले सुरागों के आधार पर जांच एजेंसी आरोपियों तक पहुंची है।
डिजिटल सुराग से आरोपियों तक पहुंची SIT
डिजिटल सुराग से आरोपियों तक पहुंची SIT
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को रविवार को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। अब इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया जाएगा। यह हत्याकांड 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में हुआ था, जहां चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के दो दिन बाद हुई इस वारदात ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी।

डिजिटल सुराग से आरोपियों तक पहुंची SIT

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल सुराग और अंतरराज्यीय कनेक्शन सामने आए। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि हत्या में शामिल आरोपी पश्चिम बंगाल के बाहर के हो सकते हैं। इसके बाद SIT की टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार भेजी गईं। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी, मोबाइल ट्रैकिंग, डिजिटल फुटप्रिंट और अन्य इनपुट के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। गिरफ्तार किए गए लोगों में विशाल श्रीवास्तव नाम का आरोपी भी शामिल है, जो बिहार के बक्सर जिले के पांडेयपट्टी का रहने वाला है। बाकी दो आरोपी उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि इनमें से एक पेशेवर शार्पशूटर हो सकता है।

हत्या से पहले की गई थी रेकी

SIT की जांच में यह भी सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी। पुलिस का मानना है कि इस साजिश में कम से कम आठ लोग शामिल थे। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की कई बार रेकी की थी और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे। जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी लगातार डिजिटल ट्रैकिंग से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तकनीकी सबूतों और सीसीटीवी फुटेज ने जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

UPI पेमेंट से खुला बड़ा सुराग

जांच में सबसे अहम सुराग एक डिजिटल भुगतान से मिला। पुलिस के अनुसार हत्या में इस्तेमाल की गई कार वारदात से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। इसी दौरान कार में बैठे एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल टैक्स का भुगतान किया था। अधिकारी ने बताया कि इस डिजिटल ट्रांजैक्शन से एक मोबाइल नंबर मिला, जिसने जांच को नई दिशा दी। इसी मोबाइल नंबर के जरिए SIT आरोपियों तक पहुंच सकी। अब पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, वाहन की तस्वीरों और गिरफ्तार आरोपियों की पहचान का मिलान कर रही है।

कार और बाइक से किया गया था हमला

शुरुआती जांच के मुताबिक चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को मध्यग्राम क्रॉसिंग के पास दोहरिया इलाके में एक कार ने रोका था। उसी समय एक मोटरसाइकिल भी वहां पहुंची। इसके बाद हमलावरों ने रथ पर फायरिंग कर दी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और बाकी संदिग्धों की तलाश में पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में छापेमारी जारी है। SIT को उम्मीद है कि जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Tags:
  • Suvendu Adhikari PA murder
  • Chandranath Rath murder case
  • West Bengal crime news
  • SIT investigation Bengal
  • Bengal murder case
  • UPI payment clue
  • Bengal political murder
  • Uttar Pradesh arrest
  • sharp shooter case
  • Midnapore murder news