शून्य कमीशन पर चल रहा ‘भारत टैक्सी’ ऐप: 10 लाख के करीब यूज़र, 3 लाख ड्राइवर जुड़े

Gaon Connection | Feb 10, 2026, 18:53 IST
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लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग ऐप है। यह ऐप ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लेता। अब तक इससे लगभग 10 लाख उपयोगकर्ता और 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं और करीब तीन लाख राइड पूरी की जा चुकी हैं। सरकार की योजना 2029 तक इसे पूरे देश में फैलाने की है।
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लोकसभा में मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को अतारांकित प्रश्न के जवाब में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ ऐप की स्थिति और प्रगति की जानकारी दी। यह सवाल सांसद कंगना रनौत ने पूछा था, जिसमें ऐप की शुरुआत, उपयोगकर्ताओं और ड्राइवरों की संख्या, राइड की स्थिति, शुल्क व्यवस्था और ड्राइवरों के कल्याण से जुड़े बिंदुओं पर सरकार से विवरण मांगा गया था।

सरकार ने बताया कि भारत टैक्सी देश का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसकी परिकल्पना ड्राइवरों को जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाता है स्वामित्व और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में रखकर की गई है। इसका उद्देश्य निवेशकों द्वारा संचालित निजी एग्रीगेटर मॉडल के मुकाबले एक स्वदेशी, सम्मानजनक और टिकाऊ विकल्प देना है। यह प्लेटफॉर्म ‘सहकार से समृद्धि’ की सोच के अनुरूप सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और आम नागरिकों के लिए किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत टैक्सी की स्थापना 6 जून 2025 को बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के तहत की गई थी। इसे सहकारी क्षेत्र में काम करने वाले आठ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों ने मिलकर शुरू किया। सरकार के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिसमें ड्राइवरों को कमाई का पूरा लाभ मिलता है और किसी भी तरह का प्लेटफॉर्म या सुविधा शुल्क नहीं लिया जाता।

आंकड़ों के अनुसार, भारत टैक्सी ऐप पर अब तक 9 लाख 90 हजार 82 पंजीकृत उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं, जबकि 3 लाख से अधिक ड्राइवर इस मंच का हिस्सा बन चुके हैं। ऐप के जरिए अब तक 2 लाख 91 हजार 665 राइड पूरी की जा चुकी हैं। फिलहाल यह सेवा दिल्ली एनसीआर के दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा के साथ-साथ गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में उपलब्ध है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य राइड्स पर ड्राइवरों या यात्रियों से कोई कमीशन या प्लेटफॉर्म शुल्क नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, भारत टैक्सी द्वारा संचालित हवाई अड्डों के प्रीपेड बूथों पर संचालन खर्च को ध्यान में रखते हुए किराए पर 7 प्रतिशत सेवा शुल्क लिया जाता है।

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ड्राइवरों के कल्याण को लेकर सरकार ने बताया कि भारत टैक्सी स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, सेवानिवृत्ति बचत और एक समर्पित ड्राइवर सहायता प्रणाली के जरिए सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। दिल्ली में सात प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां आपातकालीन मदद और सवारी से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाती है। ड्राइवरों को बिना किसी पाबंदी के अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने की भी पूरी आज़ादी दी गई है।

महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में भी भारत टैक्सी पहल कर रही है। ‘बाइक दीदी’ जैसे कार्यक्रमों के तहत अब तक 150 से अधिक महिला चालक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। सरकार के मुताबिक, यह कदम परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अहम है।

भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए सरकार ने कहा कि भारत टैक्सी को 2029 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत ऐप को सभी राज्यों और शहरों तक फैलाया जाएगा, हर राज्य में सहायता केंद्र खोले जाएंगे और ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही इसे राष्ट्रीय डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। सरकार का कहना है कि इस सहकारी मॉडल से देशभर में सस्ती, सबको साथ लेकर चलने वाली और ड्राइवरों के हित में काम करने वाली टैक्सी सेवा खड़ी की जा सकेगी।
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