किसानों को मिला एआई का डिजिटल साथी, जयपुर से शुरू हुई 'भारत-विस्तार' की ऐतिहासिक यात्रा
Gaon Connection | Feb 17, 2026, 11:36 IST
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज जयपुर में किसानों के लिए देश का सबसे बड़ा एआई आधारित कृषि मंच 'भारत-विस्तार' लॉन्च किया। अब देश का कोई भी किसान सिर्फ एक फोन कॉल पर मौसम, मंडीभाव, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी पा सकेगा और वो भी अपनी भाषा में, चौबीसों घंटे।
राजस्थान की राजधानी जयपुर आज भारतीय कृषि के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की गवाह बनी। दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मिलकर 'भारत-विस्तार' का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, रामनाथ ठाकुर, राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और कृषि मंत्रालय के सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में किसान और अधिकारी उपस्थित रहे। देशभर के लाखों किसान ICAR, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से इस समारोह से वर्चुअली जुड़े।
'भारत-विस्तार' यानी Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources जो की भारत सरकार का किसान-केंद्रित, एआई से चलने वाला डिजिटल सार्वजनिक मंच है। सरल शब्दों में कहें तो यह किसानों का एक 'डिजिटल कृषि विशेषज्ञ' है जो दिन-रात, सातों दिन उनकी सेवा में तैयार रहेगा। जिस तरह पैसों के लेन-देन के लिए UPI ने एक क्रांति लाई थी, उसी तरह खेती-किसानी की दुनिया में भारत-विस्तार एक नई क्रांति की बुनियाद रखने आया है।
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अभी तक किसान को मौसम जानने के लिए अलग जगह जाना पड़ता था, मंडी के भाव के लिए अलग, फसल बिमा की जानकारी के लिए अलग दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ता था और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था। भारत-विस्तार इन सभी जरूरतों को एक ही जगह पर पूरा करेगा।
इस मंच की सबसे खास बात यह है कि इसे 'वॉयस-फर्स्ट' यानी आवाज को सबसे पहले रखकर बनाया गया है। इसका मतलब है कि जिस किसान के पास स्मार्टफोन नहीं है, जो पढ़ा-लिखा नहीं है, जो कोई ऐप चलाना नहीं जानता वह भी सिर्फ अपने साधारण फोन से 155261 नंबर पर कॉल करके इस सेवा का पूरा लाभ उठा सकता है।
मंच के अंदर एक बोलने वाली एआई सहायक है जिसका नाम है भारती। यह भारती किसानों से सीधे बात करती है, उनके सवाल समझती है और उन्हें आसान भाषा में जवाब देती है। किसान को बस अपनी समस्या बोलनी है भारती उसका समाधान खोज देगी।
इसके अलावा जिनके पास स्मार्टफोन है, वे तीन तरीकों से इस सेवा तक पहुँच सकते हैं। पहला गूगल प्ले स्टोर से 'भारत-विस्तार' ऐप डाउनलोड करके। दूसरा कृषि मंत्रालय की वेबसाइट या PM KISAN और PMFBY जैसे प्रचलित ऐप्स पर दिए गए लिंक से। तीसरा 155261 नंबर पर कॉल करके। इसके साथ ही एक टेक्स्ट आधारित चैटबॉट भी उपलब्ध है जिसे भारत-विस्तार चैटबॉट कहते हैं, जिससे किसान लिखकर भी सवाल पूछ सकते हैं।
लॉन्च के पहले चरण में किसानों को दस बड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं की पूरी जानकारी मिलेगी। इनमें पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन, प्रति बूंद अधिक फसल, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, कृषि अवसंरचना कोष और संशोधित ब्याज अनुदान योजना शामिल हैं। किसान न सिर्फ योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे बल्कि अपनी पात्रता जाँच सकेंगे, लाभ की स्थिति देख सकेंगे और शिकायत भी दर्ज कर सकेंगे सब कुछ एक ही जगह पर।
मौसम की जानकारी के लिए इसे भारतीय मौसम विभाग (IMD) से जोड़ा गया है। मंडी के ताज़ा भाव AgMarkNet से आएंगे। कीट और बीमारियों के बारे में जानकारी राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) से मिलेगी और फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज पर आधारित होगी। यानी किसान को जो सलाह मिलेगी वह देश के जाने-माने वैज्ञानिकों की राय पर टिकी होगी, न कि किसी अनजान सूत्र पर।
पहले चरण में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात के किसान इस सेवा से जुड़ेंगे। महाराष्ट्र के किसान मराठी में 'वसुधा' के ज़रिए, गुजरात के किसान 'AmulAI की सरलाबेन' से गुजराती में और बिहार के किसान 'Bihar Krishi App' के माध्यम से हिंदी में भारत-विस्तार का उपयोग कर सकेंगे। फिलहाल यह सेवा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध होगी।
सरकार का इरादा इस मंच को धीरे-धीरे पूरे देश में फैलाने का है। अगले तीन महीनों में तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ भाषाएं इसमें जोड़ी जाएंगी। छह महीने के भीतर भारत विस्तार कुल 11 भाषाओं में काम करने लगेगा। मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह इस मंच से जोड़ दिया जाएगा और किसानों को उनकी फसल, खेत, मिट्टी और ज़रूरत के हिसाब से व्यक्तिगत सलाह भी मिलने लगेगी।
इस लॉन्च समारोह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने 'एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप' भी जारी किया और 'एआई हैकथॉन' तथा 'एग्रीकोष' की घोषणा भी की। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 150 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह मंच देश के किसानों की जिंदगी बदल देगा। उन्होंने कहा कि अब किसान को किसी दलाल या बिचौलिये के पास नहीं जाना पड़ेगा, किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उसकी उँगलियों पर या उसकी आवाज़ पर सारी जानकारी हाज़िर होगी।
भारत-विस्तार सिर्फ एक ऐप या हेल्पलाइन नहीं है यह देश के करोड़ों किसानों और आधुनिक तकनीक के बीच एक मज़बूत पुल है, जो भारत की खेती को स्मार्ट, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
क्या है भारत-विस्तार?
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अभी तक किसान को मौसम जानने के लिए अलग जगह जाना पड़ता था, मंडी के भाव के लिए अलग, फसल बिमा की जानकारी के लिए अलग दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ता था और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था। भारत-विस्तार इन सभी जरूरतों को एक ही जगह पर पूरा करेगा।
कैसे काम करता है भारत-विस्तार?
मंच के अंदर एक बोलने वाली एआई सहायक है जिसका नाम है भारती। यह भारती किसानों से सीधे बात करती है, उनके सवाल समझती है और उन्हें आसान भाषा में जवाब देती है। किसान को बस अपनी समस्या बोलनी है भारती उसका समाधान खोज देगी।
इसके अलावा जिनके पास स्मार्टफोन है, वे तीन तरीकों से इस सेवा तक पहुँच सकते हैं। पहला गूगल प्ले स्टोर से 'भारत-विस्तार' ऐप डाउनलोड करके। दूसरा कृषि मंत्रालय की वेबसाइट या PM KISAN और PMFBY जैसे प्रचलित ऐप्स पर दिए गए लिंक से। तीसरा 155261 नंबर पर कॉल करके। इसके साथ ही एक टेक्स्ट आधारित चैटबॉट भी उपलब्ध है जिसे भारत-विस्तार चैटबॉट कहते हैं, जिससे किसान लिखकर भी सवाल पूछ सकते हैं।
पहले चरण में क्या-क्या मिलेगा?
मौसम की जानकारी के लिए इसे भारतीय मौसम विभाग (IMD) से जोड़ा गया है। मंडी के ताज़ा भाव AgMarkNet से आएंगे। कीट और बीमारियों के बारे में जानकारी राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) से मिलेगी और फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक सलाह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज पर आधारित होगी। यानी किसान को जो सलाह मिलेगी वह देश के जाने-माने वैज्ञानिकों की राय पर टिकी होगी, न कि किसी अनजान सूत्र पर।
किन राज्यों के किसानों को मिलेगा फायदा?
आगे का रोडमैप
इस लॉन्च समारोह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने 'एआई फॉर एग्रीकल्चर रोडमैप' भी जारी किया और 'एआई हैकथॉन' तथा 'एग्रीकोष' की घोषणा भी की। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 150 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह मंच देश के किसानों की जिंदगी बदल देगा। उन्होंने कहा कि अब किसान को किसी दलाल या बिचौलिये के पास नहीं जाना पड़ेगा, किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उसकी उँगलियों पर या उसकी आवाज़ पर सारी जानकारी हाज़िर होगी।
भारत-विस्तार सिर्फ एक ऐप या हेल्पलाइन नहीं है यह देश के करोड़ों किसानों और आधुनिक तकनीक के बीच एक मज़बूत पुल है, जो भारत की खेती को स्मार्ट, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।