Big Cat Alliance Summit हुआ स्थगित: भारत की वन्यजीव संरक्षण पहल पर नई तारीखों का इंतजार

Preeti Nahar | May 22, 2026, 12:25 IST
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1 जून 2026 को होने वाला पहला इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) समिट फिलहाल टाल दिया गया है। यह सम्मेलन चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS-IV) के साथ आयोजित होना था। भारत सरकार ने कहा है कि सभी “रेंज देशों”, खासकर अफ्रीकी देशों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। नई तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।
1 जून 2026 को होने वाला पहला  (IBCA) समिट फिलहाल स्थगित<br>
1 जून 2026 को होने वाला पहला (IBCA) समिट फिलहाल स्थगित
भारत में होने वाला पहला इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस (IBCA) समिट अब तय समय पर नहीं होगा। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 1 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित यह सम्मेलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह आयोजन चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS-IV) के साथ आयोजित किया जाना था, लेकिन अफ्रीकी संघ के साथ हुई चर्चा के बाद दोनों आयोजनों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि सम्मेलन में शामिल होने वाले सभी देशों की सक्रिय और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

क्यों टाला गया IBCA समिट?

सरकारी बयान के अनुसार चौथे इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट को बाद की तारीख में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला अफ्रीकी संघ (African Union) के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के साथ परामर्श के बाद लिया गया। चूंकि कई अफ्रीकी देश बाघ, शेर, चीता और तेंदुए जैसे बड़े वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास हैं, इसलिए उन्हें इस सम्मेलन का महत्वपूर्ण साझेदार माना जा रहा था।

ऐसे में भारत चाहता है कि सम्मेलन में सभी संबंधित देशों की पूरी भागीदारी हो। इसी वजह से इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस समिट को भी फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और अफ्रीकी संघ ने नई दिल्ली में होने वाले इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट को अफ्रीका में उभरते सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के कारण टालने का फैसला लिया। रिपोर्ट में साफ तौर पर इबोला प्रकोप का जिक्र किया गया है।

क्या है इंटरनेशनल बिग Cat Alliance?

भारत की एक महत्वपूर्ण वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में बड़े बिल्ली प्रजाति के वन्यजीवों का संरक्षण करना है। इसमें मुख्य रूप से बाघ, शेर, चीता, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जगुआर, प्यूमा जैसे बड़े वन्यजीव शामिल हैं। भारत ने इस पहल को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया था।

अफ्रीकी देशों की भूमिका क्यों अहम?

दुनिया के कई बड़े वन्यजीव अफ्रीकी देशों में पाए जाते हैं। शेर, चीता और तेंदुओं की बड़ी आबादी अफ्रीका में रहती है। ऐसे में इन देशों की भागीदारी के बिना वैश्विक संरक्षण रणनीति अधूरी मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार और जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण बड़े वन्यजीवों पर खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी हो गया है।

भारत की वन्यजीव संरक्षण में बढ़ती भूमिका

भारत पहले ही और हाल ही में अफ्रीकी चीतों को भारत लाने की पहल के जरिए वैश्विक संरक्षण मंच पर अपनी मजबूत भूमिका दिखा चुका है। सरकार का कहना है कि भारत जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास के साझा लक्ष्यों को लेकर सभी साझेदार देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नई तारीखों का इंतजार

फिलहाल सरकार ने नई तारीखों की घोषणा नहीं की है। बताया गया है कि भाग लेने वाले देशों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद जल्द ही नए कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
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