Online Gaming Rules: 1 मई से बदल जाएंगे ऑनलाइन गेमिंग के नियम, अब मनी गेम्स पर सख्ती, माता-पिता को मिलेगा कंट्रोल
Gaon Connection | Apr 23, 2026, 13:24 IST
1 मई 2026 से भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नियम बदल रहे हैं। अब मनी गेम्स पर सख्त निगरानी होने जा रही है। माना जा रहा है कि इससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी और माता-पिता को नियंत्रण मिलेगा। साथ ही एक भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण बनेगा जो नियमों का पालन कराएगा। पढ़ें क्या कुछ बदलाव किए गए हैं ऑनलाइन गेमिंग के नियमों में जो 1 मई से लागू किए जाएंगे।
भारत में ऑनलाइन गेम खेलने वालों के लिए नए नियम
भारत में ऑनलाइन गेम खेलने वालों के लिए 1 मई 2026 से बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के संवर्धन एवं विनियमन नियम, 2026 लागू करने का फैसला किया है। इन नियमों का मकसद ऑनलाइन मनी गेम्स पर नियंत्रण करना, लोगों को ठगी और लत से बचाना, बच्चों की सुरक्षा बढ़ाना और ई-स्पोर्ट्स व सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है। क्योंकि ऑनलाइन गेमिंग का चलन अब शहरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि गाँव के लोग भी ऑनलाइन गेमों में पैसा लगाता है और आर्थिक नुकसान झेलते हैं। सरकार का कहना है कि अब गेमिंग सेक्टर को साफ, सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से चलाया जाएगा।
आम लोगों के लिए क्या बदलने वाला है
बच्चों और परिवारों को मिलेगा फायदा
बनेगा भारतीय ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण
90 दिन में होगा फैसला- अगर कोई कंपनी अपने गेम को ई-स्पोर्ट्स या सोशल गेम के रूप में चलाना चाहती है, तो उसे आवेदन करना होगा। इसके बाद अधिकतम 90 दिनों के भीतर यह फैसला लिया जाएगा कि गेम को मंजूरी मिलेगी या नहीं। इससे कंपनियों को भी स्पष्टता मिलेगी और यूजर्स को भरोसेमंद प्लेटफॉर्म मिलेंगे।
शिकायत होने पर कहाँ जाएं- अब अगर किसी यूजर को गेमिंग ऐप से शिकायत है—जैसे पैसे कटना, गलत विज्ञापन, अकाउंट ब्लॉक होना या गलत व्यवहार—तो पहले कंपनी के शिकायत तंत्र में शिकायत करनी होगी। अगर समाधान नहीं मिला तो मामला प्राधिकरण तक जा सकेगा। इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो दूसरी अपील MeitY सचिव तक की जा सकेगी।
मनी गेम्स पर होगी सख्ती- सरकार ने साफ किया है कि ऐसे गेम जो लोगों को जल्दी पैसा कमाने का लालच देते हैं, या जिनमें पैसों का दांव लगता है, उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। बैंक और पेमेंट सिस्टम को भी ऐसे प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लेनदेन रोकने के लिए कहा जा सकता है। इससे ऑनलाइन ठगी और आर्थिक नुकसान कम होने की उम्मीद है।