हर मिनट महत्वपूर्ण! योगी सरकार ने एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम घटाने और अस्पतालों में दवा गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश

Preeti Nahar | May 26, 2026, 17:17 IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम कम करने, सरकारी अस्पतालों में एक्सपायरी के करीब पहुंच चुकी दवाओं को हटाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। सरकार अब दीनदयाल राज्य कर्मचारी कैशलेस योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करेगी। बैठक में कोविड काल में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के समायोजन, आशा वर्करों के समय पर भुगतान, हेल्थ एटीएम सेवाओं के विस्तार और डिजिटल हेल्थ सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
108 ambulance service had earlier faced operational issues (File photo)
108 ambulance service had earlier faced operational issues (File photo)
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और तेज, भरोसेमंद और आम लोगों के लिए आसान बनाने पर योगी सरकार लगातार जोर दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना या किसी भी इमरजेंसी में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एम्बुलेंस सेवाओं को और तेज और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित प्रसव व्यवस्था और गरीब मरीजों के इलाज को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।

एम्बुलेंस सेवा को और तेज बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क हादसा हो, हार्ट अटैक हो या कोई अन्य गंभीर स्थिति, मरीज तक समय पर मदद पहुंचना सबसे जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 108 एम्बुलेंस सेवा और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए ताकि मरीजों को जल्दी अस्पताल पहुंचाया जा सके।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस समय 375 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस संचालित हैं। अब तक 9.38 लाख से ज्यादा मरीजों को इन सेवाओं के जरिए रेफर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं की निगरानी लगातार होनी चाहिए और संचालकों का भुगतान समय पर किया जाए, ताकि सेवाओं में कोई बाधा न आए।

एम्बुलेंस सेवा से जुड़े प्रमुख आंकड़े

सेवाआंकड़े
एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस375
अब तक रेफर मरीज9.38 लाख+
प्राथमिक लक्ष्यरिस्पॉन्स टाइम और कम करना
मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में तीन महीने से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं बिल्कुल नहीं रहनी चाहिए। उनकी जगह समय रहते नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि मरीजों की सेहत से कोई समझौता न हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवा वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और मरीजों को समय पर सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और ग्रामीण इलाकों के लोग सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करते हैं, इसलिए वहां की व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है।

आयुष इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल

योगी सरकार अब आयुष पद्धतियों को भी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों की आईपीडी सेवाओं को शामिल करने के निर्देश दिए।

इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को आयुष पद्धति से इलाज कराने में भी कैशलेस सुविधा मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने से लोगों को इलाज के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

आयुष्मान योजना को बताया गरीबों का सबसे बड़ा सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना आज गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों के क्लेम का भुगतान तय समय सीमा में किया जाए ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिलता रहे।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से ज्यादा मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है।

आयुष्मान योजना के आंकड़े

सेवाआंकड़े
योजना से जुड़े अस्पताल6480
मुफ्त इलाज पाने वाले मरीज96.75 लाख+
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को और कम करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षित और संस्थागत प्रसव व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच, इलाज और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचें। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और प्रसव के दौरान किसी भी लापरवाही से बचने पर भी जोर दिया गया।

कोविड काल के स्वास्थ्यकर्मियों के समायोजन की तैयारी

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर यथोचित समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महामारी के समय इन स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए उनके अनुभव का सही उपयोग होना चाहिए।

साथ ही उन्होंने आशा वर्करों के भुगतान में देरी न होने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे मजबूत कड़ी आशा वर्कर ही हैं, इसलिए उनका भुगतान समय पर होना जरूरी है।

डिजिटल हेल्थ और हेल्थ एटीएम सेवाओं का होगा विस्तार

बैठक में यह भी बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत प्रदेश में 15.28 करोड़ से ज्यादा ABHA ID बनाई जा चुकी हैं। वहीं 15.14 करोड़ से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने हेल्थ एटीएम सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए ताकि गांवों और दूरदराज के इलाकों में भी लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की सुविधा आसानी से मिल सके।
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