Farmer Registry UP: रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर, 1 मई 2026 की डेडलाइन
Gaon Connection | Apr 01, 2026, 18:16 IST
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में प्राथमिकता के आधार पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू किया जाना चाहिए ताकि हर किसान का नाम दर्ज हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े सभी किसान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाने के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' को बड़े पैमाने पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे वे एकीकृत डिजिटल प्रणाली के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में लाभ वितरण की एक एकीकृत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत कृषि और अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थी योजनाओं को इस रजिस्ट्री से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को एक ही पहचान के आधार पर सभी योजनाओं का लाभ सरल और व्यवस्थित तरीके से मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई गलती है, तो उसे आधार से जोड़कर प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। साथ ही, हर पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाएगा ताकि योजनाओं के लाभ वितरण में कोई रुकावट न आए और पात्रता की जाँच आसान हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग को अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी करनी होगी। विभागीय पोर्टल को 1 मई 2026 तक पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा। इससे लाभार्थियों के चयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया डिजिटल और एकीकृत हो जाएगी।
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उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभागों को भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र का उपयोग करने के लिए कृषि विभाग के साथ मिलकर काम करना होगा। इन विभागों को 31 मई 2026 तक अपनी तैयारियां पूरी करनी होंगी, ताकि सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू हो सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को योजनाओं से जोड़ना और भी प्रभावी होगा। इससे लाभ प्राप्त करने में आने वाली मुश्किलें खत्म होंगी। साथ ही, सरकारी संसाधनों का सही जगह इस्तेमाल हो सकेगा और जरूरत के हिसाब से कृषि सामग्री का वितरण भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था से योजनाओं का लाभ किसानों तक पूरी पारदर्शिता से पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की स्थिति की भी आसानी से समीक्षा की जा सकेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस काम को गंभीरता से लेने और समय-सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना जैसी योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई गलती है, तो उसे आधार से जोड़कर प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। साथ ही, हर पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाएगा ताकि योजनाओं के लाभ वितरण में कोई रुकावट न आए और पात्रता की जाँच आसान हो।
तकनीकी व्यवस्था 1 मई 2026 तक तैयार होगी
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उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभागों को भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र का उपयोग करने के लिए कृषि विभाग के साथ मिलकर काम करना होगा। इन विभागों को 31 मई 2026 तक अपनी तैयारियां पूरी करनी होंगी, ताकि सभी विभागों में एक जैसी व्यवस्था लागू हो सके।
पारदर्शिता और लक्षित उपयोग होगा संभव
इस नई व्यवस्था से योजनाओं का लाभ किसानों तक पूरी पारदर्शिता से पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही लाभार्थी को बार-बार लाभ मिलने की स्थिति की भी आसानी से समीक्षा की जा सकेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस काम को गंभीरता से लेने और समय-सीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।