UP Sugarcane Survey: उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने गन्ने की फसल का GPS आधारित सर्वेक्षण शुरू करने की तैयारी कर ली है। यह सर्वे 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य गन्ना क्षेत्रफल, फसल की स्थिति और उत्पादन का सही आंकड़ा तैयार करना है, ताकि किसानों को समय पर सुविधाएं और भुगतान मिल सके। सर्वे से पहले पंजीकृत किसानों को मोबाइल पर SMS भेजकर जानकारी दी जाएगी।
खेत पर पहुंचेगी टीम, किसान की मौजूदगी जरूरी
![गन्ना फसल का होगा GPS सर्वे]()
गन्ना फसल का होगा GPS सर्वे
विभाग के अनुसार सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल कर्मचारी शामिल होंगे। दोनों को पहले प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वे के दौरान किसान की मौजूदगी जरूरी होगी। टीम खेत पर पहुंचकर GPS तकनीक से खेत का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म और अन्य जरूरी जानकारी सीधे विभाग के सर्वर पर अपलोड करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को उनके खेत की पूरी जानकारी SMS के जरिए भेजी जाएगी। इससे रिकॉर्ड पारदर्शी होगा और गलत आंकड़ों की समस्या कम होगी।
नए किसानों का पंजीकरण भी होगा, 30 सितंबर तक मौका
![SMS के जरिए पूरी जानकारी दी जाएगी]()
SMS के जरिए पूरी जानकारी दी जाएगी
गन्ना विभाग ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान नए किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा। जो किसान 30 सितंबर 2026 तक पंजीकरण करा लेंगे, वही आगामी पेराई सत्र 2026-27 में गन्ना आपूर्ति का लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा उपज बढ़ाने से जुड़े आवेदन भी 30 सितंबर तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन शुल्क अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों के लिए 10 रुपये, लघु किसानों के लिए 100 रुपये और अन्य किसानों के लिए 200 रुपये तय किया गया है। सरकार की यह पहल गन्ना किसानों को तकनीक से जोड़ने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।