मूंग, उड़द और मूंगफली किसानों को बड़ी राहत, 4 राज्यों में MSP पर खरीद को मंज़ूरी, यूपी को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
Gaon Connection | Jun 19, 2026, 16:59 IST
केंद्र सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में MSP पर दलहन एवं तिलहन खरीद को मंज़ूरी दी है। सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है, जहाँ मूंग, उड़द और मूंगफली की खरीद का कुल मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से अधिक होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य सुरक्षा देना और दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना है।
किसानों को मिलेगा उपज का बेहतर दाम
दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फ़ैसला लिया है। मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दलहन एवं तिलहन की खरीद को मंज़ूरी दे दी गई है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों को बाज़ार में कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मौजूदा खरीफ़ सीज़न में कई कृषि जिंसों के बाज़ार भाव MSP से नीचे चल रहे हैं। ऐसे में MSP पर सरकारी खरीद किसानों को मूल्य सुरक्षा देने के साथ उनकी आय को स्थिर रखने में भी मदद करेगी।
चार राज्यों में मंज़ूर खरीद में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को मिला है। ग्रीष्मकालीन सीज़न 2026 के लिए राज्य में 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द और 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को स्वीकृति दी गई है। इन तीनों फसलों की खरीद का कुल MSP मूल्य 1,490 करोड़ रुपये से अधिक आँका गया है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, इससे राज्य के लाखों दलहन और तिलहन उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने गुजरात के लिए भी ग्रीष्म 2026 सीज़न में 18,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंज़ूरी दी है। यह खरीद मूल्य समर्थन योजना के तहत की जाएगी।सरकारी अनुमान के अनुसार, इस खरीद का कुल MSP मूल्य 160 करोड़ रुपये से अधिक होगा, जिससे राज्य के मूंग उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी।
तमिलनाडु के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीज़न 2025-26 में मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का फ़ैसला किया है। राज्य में खरीद सीमा 885 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 990 मीट्रिक टन कर दी गई है। इस तरह अतिरिक्त 105 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की जाएगी। इस स्वीकृति का कुल MSP मूल्य 8.68 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
हरियाणा में ग्रीष्मकालीन सीज़न 2026 के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को मंज़ूरी दी गई है। इस खरीद का कुल MSP मूल्य 18 करोड़ रुपये से अधिक आँका गया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के किसानों को बाज़ार में मूल्य गिरावट के प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। MSP पर खरीद को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य सुरक्षा प्रदान करना, घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना और देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मज़बूत करना है। MSP पर खरीद की यह मंज़ूरी किसानों के लिए राहत भरा कदम साबित हो सकती है, ख़ासकर ऐसे समय में जब कई फसलों के बाज़ार भाव समर्थन मूल्य से नीचे बने हुए हैं।
सरकार का कहना है कि इस कदम से किसानों को बाज़ार में कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मौजूदा खरीफ़ सीज़न में कई कृषि जिंसों के बाज़ार भाव MSP से नीचे चल रहे हैं। ऐसे में MSP पर सरकारी खरीद किसानों को मूल्य सुरक्षा देने के साथ उनकी आय को स्थिर रखने में भी मदद करेगी।