इस राज्य में 26 साल बाद बढ़ी KCC लोन लिमिट, डेयरी और मत्स्य पालन की बढ़ी ऋण सीमा, मक्का, मूंगफली और फूलों की खेती को मिलगा लाभ
Preeti Nahar | Jun 02, 2026, 19:59 IST
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को राहत देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत विभिन्न गतिविधियों की ऋण सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 26 साल बाद किया गया यह संशोधन पंजाब के किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। साथ ही विदेशी नस्ल की गायों पर मिलने वाली ऋण सीमा को ₹70,000 से बढ़ाकर ₹87,591 कर दिया गया है। वहीं मूंगफली, फूलों की खेती, हरा चारा, मक्का और तिलहन फसलों को भी योजना में शामिल किया गया है। जानिए पंजाब के किसानों के लिए क्या कुछ नई योजनाओं की हुई घोषणा।
पंजाब सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत ऋण सीमा में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले को किसानों की आय बढ़ाने और कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में अहम कदम बताया है। खास बात यह है कि 26 वर्षों बाद कई क्षेत्रों में ऋण सीमा को संशोधित किया गया है और पहली बार कुछ नई फसलों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
पंजाब सरकार के अनुसार किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत कई गतिविधियों के लिए निर्धारित ऋण सीमाओं की लंबे समय से समीक्षा नहीं हुई थी। बदलती लागत और कृषि क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए अब इन सीमाओं को संशोधित किया गया है ताकि किसानों को वास्तविक जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता मिल सके।
विदेशी नस्ल की गायों के पालन-पोषण की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने इस श्रेणी में ऋण सीमा ₹70,000 से बढ़ाकर ₹87,591 कर दी है। इससे डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों और पशुपालकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
झींगा मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति हेक्टेयर ऋण सीमा ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और किसानों को आय के नए अवसर मिलेंगे।
इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि पहली बार मूंगफली, फूलों की खेती, हरा चारा, मक्का और तिलहन फसलों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना में शामिल किया गया है। इससे इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को भी आसान ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
पंजाब लंबे समय से गेहूं-धान आधारित खेती पर निर्भर रहा है। सरकार का मानना है कि नई फसलों को योजना में शामिल करने से किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ेंगे, जिससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और किसानों की आय के स्रोत भी बढ़ेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उत्पादन लागत, पशुपालन खर्च और कृषि निवेश की जरूरतों को देखते हुए ऋण सीमा में बढ़ोतरी किसानों को वित्तीय दबाव से राहत दे सकती है। साथ ही नई फसलों और कृषि गतिविधियों को शामिल करने से किसानों को खेती के नए विकल्प अपनाने में मदद मिलेगी। बढ़ी हुई ऋण सीमा और नई फसलों को शामिल करने से किसानों को सस्ती वित्तीय सहायता मिलने के साथ-साथ कृषि विविधीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
26 साल बाद KCC लोन लिमिट में संशोधन
मुख्यमंत्री @BhagwantMann जी ने किसानों को दी बड़ी सौगात। 🌾
— AAP (@AamAadmiParty) June 2, 2026
26 साल बाद Kisan Credit Card की Loan Limit में बढ़ोतरी।
🔹विदेशी नस्ल की गाय पर Loan Limit ₹70,000 से बढ़ाकर ₹87,591
🔹झींगा मछली पालन के लिए Loan Limit ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख प्रति हेक्टेयर
🔹पहली बार मूंगफली,… pic.twitter.com/51j6YmpiZQ