इस राज्य में किसानों को बड़ी राहत, 75 हजार तक का कृषि लोन होगा माफ; 1 लाख तक के कर्ज पर भी छूट
Mansi | Aug 17, 2026, 18:45 IST
तमिलनाडु सरकार ने किसानों की भलाई के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कृषि ऋण माफी का ऐलान किया है। 75000 रुपये तक के सभी कृषि लोन को पूरी तरह माफ किया जाएगा, जो किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा। इसके अलावा, 75000 से 1 लाख रुपये तक के कर्ज़ पर भी 75000 रुपये तक की राहत मिलेगी।
तमिलनाडु में किसानों केलिए 75 हजार तक का सहकारी कृषि लोन पूरी तरह माफ़ करने का ऐलान
तमिलनाडु में किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में सहकारी बैंकों से लिए गए कृषि ऋण को लेकर नई छूट की घोषणा की। इसके तहत 75 हजार तक के कृषि लोन पर पूरी छूट मिलेगी। वहीं, 75 हजार से 1 लाख तक के कर्ज़ पर भी अधिकतम 75 हजार तक की राहत दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह फ़ैसला किसानों पर कर्ज़ का बोझ कम करने और कृषि क्षेत्र को सहारा देने के मक़सद से लिया गया है। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार इस अतिरिक्त राहत के लिए करीब 953.06 करोड़ खर्च करेगी। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधे फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने सत्ता संभालने के शुरुआती दिनों में ही किसानों को राहत देने की शुरुआत की थी। मई में 50 हजार तक के कृषि ऋण माफ किए गए थे। इसके बाद राहत का दायरा बढ़ाते हुए 75 हजार तक के कर्ज़ को पूरी तरह माफ करने और इससे अधिक के कुछ कर्ज़ पर भी छूट देने का फ़ैसला किया गया था। इस चरण में 14.44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की बात कही गई थी।
नई घोषणा से पहले सरकार ने 7 अगस्त 2026 को कृषि यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। इसके बाद अतिरिक्त राहत देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री के मुताबिक़, राज्य की वित्तीय स्थिति और सहकारी बैंकों से जुड़े नियामकीय दबाव के बावजूद सरकार ने किसानों को और राहत देने का रास्ता चुना है।
किस किसान को कितनी मिलेगी छूट?
सरकार के अनुसार, नई घोषणा के बाद करीब 13.34 लाख किसानों के लिए कुल कर्ज़ राहत की राशि लगभग 6,220 करोड़ तक पहुँच जाएगी। सरकार ने कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम आधार बताते हुए कहा है कि किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इस फ़ैसले से सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने वाले पात्र किसानों को कर्ज़ का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित पात्रता और सरकारी नियमों के तहत ही मिलेगा।
सरकार का कहना है कि यह फ़ैसला किसानों पर कर्ज़ का बोझ कम करने और कृषि क्षेत्र को सहारा देने के मक़सद से लिया गया है। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार इस अतिरिक्त राहत के लिए करीब 953.06 करोड़ खर्च करेगी। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधे फ़ायदा मिलने की उम्मीद है।
पहले 50 हजार तक के कर्ज़ पर मिली थी राहत
कृषि संगठनों से बातचीत के बाद बढ़ाई गई राहत
किस किसान को कितनी मिलेगी छूट?
- नई व्यवस्था के तहत कर्ज़ की राशि के हिसाब से राहत इस तरह होगी-
- 75 हजार तक का कृषि लोन: पूरा कर्ज़ माफ़।
- 75 हजार से 1 लाख तक का लोन: अधिकतम 75 हजार तक की छूट।
- 1 लाख से अधिक का लोन: अधिकतम 35 हजार तक की छूट।