बिहार सरकार बगीचों में कीट नियंत्रण के लिए देगी 75% तक सब्सिडी; जानें आम, अमरूद और लीची के हर पेड़ पर मिलेंगे कितने रूपये
Gaon Connection | Jul 25, 2026, 17:51 IST
बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'बगीचों में कीट प्रबंधन योजना' शुरू की है। इस योजना के तहत आम, अमरूद और लीची उत्पादक किसानों को वैज्ञानिक तरीके से कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए दो चरणों में कीटनाशकों के छिड़काव पर 75% तक अनुदान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य फलों की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। इच्छुक किसान उद्यानिकी विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
बिहार में शुरू हुई कीट प्रबंधन योजना
बिहार सरकार ने राज्य में बागवानी को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक और महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उद्यानिकी विभाग ने ‘बगीचों में कीट प्रबंधन योजना’ लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के माध्यम से आम, अमरूद और लीची की खेती करने वाले किसानों को वैज्ञानिक तरीके से कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य समय पर कीटनाशकों के छिड़काव के ज़रिये फलों की गुणवत्ता में सुधार करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बागवानी फसलों में यदि सही समय पर कीट एवं बीमारियों का नियंत्रण नहीं किया जाए, तो इसका सीधा असर उत्पादन और फलों की गुणवत्ता पर पड़ता है। ऐसे में सरकार किसानों को सुरक्षित एवं अनुशंसित विधि से कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत किसानों को दो चरणों में होने वाले छिड़काव पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे खेती की लागत घटेगी और बेहतर गुणवत्ता वाले फल बाज़ार तक पहुँच सकेंगे।
उद्यानिकी विभाग के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य बगीचों में लगने वाले प्रमुख कीटों और बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण करना है। इसके लिए किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप सुरक्षित एवं निर्धारित समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से फलों की गुणवत्ता बेहतर होगी, उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और किसानों को अपनी उपज का अधिक मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही, कीट एवं रोगों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
योजना के अंतर्गत किसानों को प्रत्येक पेड़ पर दो बार कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए 75 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। फसल और छिड़काव के चरण के अनुसार अनुदान की राशि अलग-अलग निर्धारित की गई है।
आम के बगीचे के लिए अनुदान
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के आम, अमरूद और लीची उत्पादक किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान उद्यानिकी विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार का विश्वास है कि ‘बगीचों में कीट प्रबंधन योजना’ राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई गति देगी। समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से कीट नियंत्रण होने पर फसलों की गुणवत्ता में सुधार होगा, उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। इसके साथ ही कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान में कमी आने से बागवानी को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का लक्ष्य भी साकार हो सकेगा।
राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बागवानी फसलों में यदि सही समय पर कीट एवं बीमारियों का नियंत्रण नहीं किया जाए, तो इसका सीधा असर उत्पादन और फलों की गुणवत्ता पर पड़ता है। ऐसे में सरकार किसानों को सुरक्षित एवं अनुशंसित विधि से कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत किसानों को दो चरणों में होने वाले छिड़काव पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे खेती की लागत घटेगी और बेहतर गुणवत्ता वाले फल बाज़ार तक पहुँच सकेंगे।
वैज्ञानिक तरीके से होगा कीट एवं रोगों का प्रभावी नियंत्रण
आम, अमरूद और लीची पर मिलेगा 75 प्रतिशत तक अनुदान
आम के बगीचे के लिए अनुदान
- प्रथम छिड़काव पर 57 रुपये प्रति पेड़
- द्वितीय छिड़काव (फल झड़न प्रबंधन सहित) पर 72 रुपये प्रति पेड़
- प्रथम छिड़काव पर 33 रुपये प्रति पेड़
- द्वितीय छिड़काव पर 45 रुपये प्रति पेड़
- प्रथम छिड़काव पर 162 रुपये प्रति पेड़
- द्वितीय छिड़काव पर 114 रुपये प्रति पेड़