Masoor Precurement: इस राज्य में किसानों को बड़ी राहत, ₹7,000 प्रति कुंतल मसूर की खरीद शुरू, होगा 48 घंटे में DBT भुगतान

Gaon Connection | Apr 11, 2026, 18:56 IST
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बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर! रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7,000 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। खरीद की प्रक्रिया 10 अप्रैल से 31 मई 2026 तक होगी। किसानों को 48 घंटे के भीतर आधार से जुड़े बैंक खातों में राशि प्राप्त होगी। पंजीकरण करना जरूरी है।
बिहार में मसूर की एमएसपी खरीद शुरू
बिहार में मसूर की एमएसपी खरीद शुरू
बिहार के किसानों के लिए राज्य सरकार ने मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹7,000 प्रति क्विंटल तय किया है और खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसानों को अपनी फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। यह कदम किसानों को अपनी उपज को कम दाम पर बेचने की मजबूरी से बचाएगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। खरीद 10 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक चलेगी, और बिक्री के लिए पंचायत स्तर पर पैक्स (PACS) और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल बनाए गए हैं। किसानों को मसूर बेचने के लिए पहले www.dbtagriculture.bihar.gov.in या सहकारिता विभाग पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

किसानों को मिली बड़ी राहत: ₹7,000 MSP पर मसूर की खरीद शुरू

बिहार में मसूर की खरीद शुरू हो गई है, जिससे किसानों को काफी राहत मिली है। राज्य सरकार ने इस बार मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹7,000 प्रति क्विंटल तय किया है। यह किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और वे बिचौलियों के शोषण से बच सकें।

48 घंटे में सीधा भुगतान: DBT से किसानों के खाते में पैसे

किसानों को अपनी फसल बेचने के तुरंत बाद भुगतान की सुविधा मिलेगी। कृषि विभाग के अनुसार, जैसे ही किसान अपनी फसल बेचेंगे, 48 घंटे के भीतर भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। यह तेज और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था किसानों को लंबे इंतजार से राहत देगी। वे तुरंत अगली फसल या घरेलू जरूरतों के लिए पैसे का उपयोग कर सकेंगे।

खरीद की अवधि और बिक्री केंद्र

मसूर की खरीद 10 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 मई 2026 तक चलेगी। इस अवधि के दौरान किसान अपनी फसल बेच सकते हैं। बिक्री के लिए केंद्र पंचायत स्तर पर पैक्स (PACS) और प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल बनाए गए हैं। सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर ही बिक्री की सुविधा प्रदान की है।

पंजीकरण है अनिवार्य

मसूर बेचने के लिए किसानों को पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए कृषि विभाग पोर्टल www.dbtagriculture.bihar.gov.in या सहकारिता विभाग पोर्टल पर जाना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर

सरकार ने सभी खरीद केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि किसानों से फसल खरीद में कोई लापरवाही न हो। गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खरीद प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।

किसानों के लिए गेम चेंजर साबित होगी यह पहल

बिहार सरकार की यह पहल किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। MSP पर खरीद और 48 घंटे में भुगतान जैसी व्यवस्था न सिर्फ किसानों को आर्थिक सुरक्षा देगी, बल्कि उन्हें बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाएगी। यह व्यवस्था किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

किसानों को अपनी उपज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकारी खरीद केंद्र स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से उन्हें सुविधा होगी। यह पहल बिहार के कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। यह कदम कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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