BRICS Agri Ministers Meet: इंदौर में होगा कृषि महामंथन, जुटेंगे 20 देशों के कृषि मंत्री, जानिए एजेंडे में क्या-क्या शामिल?
Umang | Jun 08, 2026, 14:28 IST
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में 9 से 13 जून तक BRICS कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह की अहम बैठक आयोजित होगी। 20 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा, किसानों की आय बढ़ाने, कृषि व्यापार, जलवायु अनुकूल खेती और कृषि नवाचार जैसे मुद्दों पर मंथन होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य फोकस छोटे किसानों को सशक्त बनाने और टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने पर रहेगा।
क्या BRICS बैठक से बढ़ेगी किसानों की कमाई?
भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत मध्य प्रदेश का इंदौर शहर इस सप्ताह वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। 9 से 13 जून तक आयोजित होने वाली BRICS कृषि मंत्रियों और कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group) की बैठकों में दुनिया के 20 देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, पोषण, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार, नवाचार और छोटे किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सम्मेलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया खाद्य सुरक्षा, जलवायु संकट और किसानों की आय से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में इंदौर में होने वाली BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर टिकाऊ कृषि विकास का मॉडल तैयार करना है।
ब्रिक्स एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 9 से 11 जून तक BRICS कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठकें होंगी, जबकि 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों का मुख्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह पहली बार है जब BRICS देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक इतने व्यापक स्तर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें सदस्य देशों के साथ-साथ साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी BRICS की अध्यक्षता कर चुका है। वर्ष 2016 में भारत की अध्यक्षता के दौरान BRICS कृषि अनुसंधान मंच (BRICS Agricultural Research Platform) की शुरुआत की गई थी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि BRICS समूह आज वैश्विक अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। वर्तमान में BRICS के 11 सदस्य और 10 साझेदार देश हैं। दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन और करीब 68 प्रतिशत कृषि गतिविधियां BRICS देशों में केंद्रित हैं। ऐसे में इस मंच पर लिए जाने वाले निर्णयों का असर वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि व्यापार पर पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्य हानि और खाद्य अपव्यय पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। हर साल एक अरब टन से अधिक खाद्यान्न बर्बाद हो जाता है। फसल कटाई, भंडारण, परिवहन और उपभोग के विभिन्न चरणों में होने वाली यह बर्बादी खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी खतरा है।उन्होंने बताया कि खाद्य अपव्यय वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक योगदान देता है। इंदौर सम्मेलन में इस समस्या को कम करने के लिए साझा रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में चार प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी
• खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका
• कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
• जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि
• कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और साझेदारी
इन विषयों पर सदस्य देशों के अनुभव साझा किए जाएंगे और भविष्य की संयुक्त रणनीति तैयार करने की कोशिश होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत की हर कृषि नीति के केंद्र में छोटे और सीमांत किसान हैं। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर रहेगा कि नई तकनीक, कृषि अनुसंधान और नवाचार का लाभ छोटे किसानों तक कैसे पहुंचाया जाए। साथ ही किसानों की बाजार तक पहुंच आसान बनाने, कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और आय में वृद्धि के उपायों पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब किसानों की आय बढ़े, उनकी आजीविका सुरक्षित हो और कृषि टिकाऊ बने।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार भारत की अध्यक्षता में BRICS कृषि कार्य समूह अब तक आठ बैठकों का आयोजन कर चुका है। इन बैठकों में खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन, पशुपालन, कृषि नवाचार और ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई है। इंदौर में होने वाला सम्मेलन इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश और विशेष रूप से इंदौर के लिए यह गर्व की बात है कि वैश्विक कृषि नीति और खाद्य सुरक्षा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि यहां जुट रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के हित में नई पहल का मार्ग प्रशस्त करेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सम्मेलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया खाद्य सुरक्षा, जलवायु संकट और किसानों की आय से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में इंदौर में होने वाली BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर टिकाऊ कृषि विकास का मॉडल तैयार करना है।
9 से 13 जून तक चलेगा सम्मेलन
दुनिया के 42% खाद्य उत्पादन का प्रतिनिधित्व करता है BRICS
खाद्य बर्बादी पर होगी विशेष चर्चा
चार प्रमुख विषयों पर रहेगा फोकस
• खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका
• कृषि व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
• जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि
• कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और साझेदारी
इन विषयों पर सदस्य देशों के अनुभव साझा किए जाएंगे और भविष्य की संयुक्त रणनीति तैयार करने की कोशिश होगी।