टूटे चावल का पहली बार तय हुआ रिज़र्व मूल्य, जुलाई-सितंबर में ₹2,100 प्रति क्विंटल पर होगी नीलामी, जानें पूरी बात
Gaon Connection | Aug 22, 2026, 10:56 IST
सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए टूटे चावल का रिज़र्व मूल्य 2,100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह निर्णय डायनैमिक रिज़र्व प्राइस कमेटी की बैठक के बाद लिया गया है। यह मूल्य 30 सितंबर तक होने वाली सभी नीलामियों पर लागू होगा। खुले बाज़ार में टूटे चावल की कीमत रिज़र्व मूल्य से कम रहने की संभावना है।
चावल की आवक बढ़ने से कीमतों पर असर!
भारत सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम-डोमेस्टिक (OMSS-D) के तहत जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए टूटे चावल की बिक्री का रिज़र्व मूल्य 2,100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह फैसला 20 अगस्त को हुई डायनैमिक रिज़र्व प्राइस कमेटी की बैठक के बाद लिया गया। सरकार ने पहली बार टूटे चावल के लिए रिज़र्व मूल्य तय किया है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी नोट के अनुसार, कच्चे और उसना दोनों तरह के परिणामी टूटे चावल के लिए जुलाई-सितंबर तिमाही में रिज़र्व मूल्य 2,100 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
मंत्रालय के अनुसार, यह रिज़र्व मूल्य 30 सितंबर तक होने वाली नीलामियों पर लागू होगा, भले ही चावल की वास्तविक उठान कब की जाए। बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुले बाज़ार में टूटे चावल की कीमत OMSS के तहत तय रिज़र्व मूल्य से कम हो सकती है, क्योंकि आगे चलकर आवक बढ़ने की उम्मीद है। यह घोषणा 20 अगस्त को हुई डायनैमिक रिज़र्व प्राइस कमेटी की बैठक के नतीजे के बाद की गई है।
सरकार ने OMSS-D के तहत टूटे चावल की बिक्री के लिए पहली बार रिज़र्व मूल्य तय किया है। कच्चे और उसना, दोनों तरह के परिणामी टूटे चावल के लिए रिज़र्व मूल्य 2,100 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के नोट के अनुसार, 2,100 रुपये प्रति क्विंटल का रिज़र्व मूल्य 30 सितंबर तक होने वाली नीलामियों पर लागू रहेगा। इसमें चावल की वास्तविक उठान की तारीख को आधार नहीं माना जाएगा।
उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, खुले बाज़ार में टूटे चावल की कीमत OMSS के तहत तय रिज़र्व मूल्य से कम हो सकती है। इसकी वजह आगे चलकर टूटे चावल की आवक बढ़ने की उम्मीद बताई गई है।
मंत्रालय के अनुसार, यह रिज़र्व मूल्य 30 सितंबर तक होने वाली नीलामियों पर लागू होगा, भले ही चावल की वास्तविक उठान कब की जाए। बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुले बाज़ार में टूटे चावल की कीमत OMSS के तहत तय रिज़र्व मूल्य से कम हो सकती है, क्योंकि आगे चलकर आवक बढ़ने की उम्मीद है। यह घोषणा 20 अगस्त को हुई डायनैमिक रिज़र्व प्राइस कमेटी की बैठक के नतीजे के बाद की गई है।