Soil Health: “जमीन हो रही बीमार! बुलंदशहर में खाद के ज्यादा इस्तेमाल पर बड़ा अलर्ट” जिला निगरानी समिति ने जताई चिंता
Gaon Connection | Apr 30, 2026, 10:08 IST
Bulandshahr में आयोजित जिला निगरानी समिति की बैठक में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को लेकर चिंता जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि इससे मिट्टी की उर्वरता घट रही है और जल स्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं, इसलिए संतुलित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।
रासायनिक खाद के बढ़ते इस्तेमाल पर बुलंदशहर में मंथन
जनपद Bulandshahr में जिला निगरानी समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयोग और उसके दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में यह सामने आया कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग जरूरत से अधिक हो रहा है। इससे न केवल खेती की लागत बढ़ रही है, बल्कि लंबे समय में जमीन की गुणवत्ता भी खराब हो रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करना बेहद जरूरी है।
अत्यधिक उर्वरक इस्तेमाल का सबसे बड़ा असर मिट्टी की उर्वरता पर पड़ रहा है। धीरे-धीरे जमीन की प्राकृतिक क्षमता घट रही है, जिससे फसलों की उत्पादकता भी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, रासायनिक तत्वों के कारण भूजल और अन्य जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए जैविक खेती और वैकल्पिक उपायों को अपनाना जरूरी है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि किसानों को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
समिति ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया। कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान सही मात्रा और सही तरीके से उर्वरकों का उपयोग कर सकें।
उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता
जनपद बुलंदशहर में जिला निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष चर्चा की गई।बैठक में यह पाया गया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं pic.twitter.com/sxKO01BZ85
— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) April 30, 2026