गुड़ फैक्ट्री लगाने का सुनहरा मौका! बिहार सरकार करेगी ₹1 करोड़ रुपये तक की मदद, जानें आवेदन करने की अंतिम तारीख

Gaon Connection | Jun 15, 2026, 15:48 IST
Share

बिहार में गन्ना किसानों और कृषि आधारित कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है। राज्य सरकार ने ऐसी योजना शुरू की है, जिसके तहत पात्र आवेदकों को आर्थिक सहायता का लाभ मिल सकेगा। नई गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना पर 6 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक अनुदान दिया जायेगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक लोग निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं। योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

बिहार में गुड़ कारोबार पर सरकार मेहरबान,
बिहार में गुड़ कारोबार पर सरकार मेहरबान,
बिहार में गन्ना किसानों और कृषि आधारित उद्योगों में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है। राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना पर आकर्षक अनुदान देने का फ़ैसला किया है। बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत पात्र आवेदकों को इकाई की पेराई क्षमता के आधार पर 6 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिल सकेगा। इससे न केवल गन्ना किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और निवेश के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

बिहार देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में शामिल है जहाँ लाखों किसान इस नक़दी फ़सल पर निर्भर हैं। ऐसे में राज्य सरकार गन्ने की फ़सल से अतिरिक्त आय पर विशेष ज़ोर दे रही है, ताकि किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गुड़ उद्योग को भी नई रफ़्तार मिल सके। इसी उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत किसान और निजी निवेशक 25 जून तक आवेदन कर सकते हैं।

25 जून तक कर सकते हैं आवेदन

गन्ना उद्योग विभाग की ओर से गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक किसान और निवेशक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ccs. bihar. gov. in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। विभाग के अनुसार आवेदन प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत संचालित की जा रही है और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 जून निर्धारित की गई है। सरकार का उद्देश्य राज्य में आधुनिक गुड़ उत्पादन इकाइयों की संख्या बढ़ाना और गन्ना आधारित उद्योगों को मज़बूत करना है, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर बाज़ार और मूल्य संवर्धन का लाभ मिल सके।

पेराई क्षमता के अनुसार तय होगी सहायता राशि

योजना के तहत विभिन्न क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाइयों को पूँजीगत लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। प्रतिदिन 5 से 20 टन गन्ना पेराई क्षमता वाली इकाइयों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाइयों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन क्षमता वाली इकाइयों को अधिकतम 45 लाख रुपये तथा 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली इकाइयों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता राशि बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।

गन्ना उत्पादक क्षेत्रों को मिल सकता है बड़ा लाभ

बिहार में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार राज्य में करीब सवा दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सीतामढ़ी और समस्तीपुर समेत कई ज़िले गन्ना उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। गुड़ उत्पादन इकाइयों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

योजना की प्रमुख बातें

• 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
• किसान और निजी निवेशक दोनों आवेदन कर सकते हैं।
• पूँजीगत लागत पर 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
• अधिकतम अनुदान राशि 1 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
• पेराई क्षमता के आधार पर अनुदान की राशि तय होगी।
• योजना का उद्देश्य गुड़ उद्योग और गन्ना किसानों को बढ़ावा देना है।
Tags:
  • Bihar Subsidy Scheme
  • Bihar Gur Industry
  • Jaggery Factory
  • Sugarcane Farmers
  • Sugarcane Industry
  • Bihar Agriculture
  • Farmer Business
  • Agribusiness Opportunity
  • Jaggery Production
  • Government Subsidy