खेती में नए-नए प्रयोग करने वाले पांच किसानों को मिला सम्मान

Virendra Singh | Jul 13, 2018, 17:09 IST
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खेती में नए नए प्रयोग और उन्नतशील खेती करने वाले सूरतगंज क्षेत्र के 5 किसानों का उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मन्त्री बृजेश पाठक ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांजर बेल्ट की समस्याओं को दूर करने के प्रदेश सरकार लगातार कोशिशें कर रही है।
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खेती में नए-नए प्रयोग करने वाले पांच किसानों को मिला सम्मान
सूरतगंज (बाराबंकी)। खेती में नए नए प्रयोग और उन्नतशील खेती करने वाले सूरतगंज क्षेत्र के 5 किसानों को उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मन्त्री बृजेश पाठक ने सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांजर बेल्ट की समस्याओं को दूर करने के प्रदेश सरकार लगातार कोशिशें कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार में विधि और न्याय और वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री बृजेश पाठक घाघरा की तराई में बसे सूरतगंज ब्लॉक के बल्लोपुर गाँव में श्री कृष्णा शिक्षा निकेतन इंटर कलॉज़ के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन में प्रगति संभव नहीं है हम चाहे जितनी भी मेहनत करने पर मां सरस्वती आशीर्वाद के बिना हम उस ढंग से आगे नहीं बढ़ सकते जिस ढंग से हमारे समाज को हमारी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित लड़की तीन परिवारों को रोशन करती है इसलिए बेटी को शिक्षित करना बहुत ही जरूरी है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बेटियों की शिक्षा पर जोर देने की बात कहीं। जिस पर स्कूल के प्रबंधक संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि उनका संस्थान अपने स्कूल में बृजेश पाठक शिक्षा योजना के तहत हर साल 20 गरीब परिवारों और मेधावी यात्राओं को मुफ्त शिक्षा देगा।

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वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री ने कहा किसान को सोलर ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए। इस दौरान किसानों और ग्रामीणों के लिए किए जा रहे अपनी सरकार के कामकाज भी गिनाए। उन्होंने कहा, कुछ लोग सरकार के कामों और नीतियों को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। लेकिन आप लोगों को इन भ्रमों में नहीं आना है।

समारोह में स्थानीय विधायक शरद अवस्थी ने घाघरा प्रभावित इस क्षेत्र की सड़क और दूसरी समस्याओं से अवगत कराया। इस इलाके में हर वर्ष घाघरा कहर ढाती है। घाघरा की कटान में गांव के गांव कट जाते हैं।

किसान देश के अन्नदाता

बाराबंकी कृषि सपन्न इलाका है। मेंथा और केला की खेती को लेकर इसे पूरे देश में प्रसिद्धि मिली है। लेकिन सूरतंगज के इस इलाके को बाराबंकी का श्रीलंका कहा जाता था। जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर गोंडा, सीतापुर और बहराइच जिले की सीमाओं से लगे सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र में कुछ साल पहले तक यहां के किसान धान, गेहूं, गन्ने और मेंथा की खेती किया करते थे। कृषि और संबंधित विभाग के अधिकारी भी कम ही पहुंचे थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हालात बदलते हैं। क्षेत्र के कई किसानों ने प्रदेश स्तर पर नाम कमाया है। खेती को मुनाफे का सौदा बनाने वाले ऐसे प्रगतिशील 5 किसानों को मुख्य अतिथि बृजेश पाठक और स्थानीय विधायक ने सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले किसानों में केले और मशरूम की खेती करने वाले दौलतपुर गांव के अमरेंद्र सिंह, औषधीय पौधों की खेती करने वाले टांडपुर के राम सांवले शुक्ला, पंडितपुरवा के युवा किसान नवनीत, गोंडा देवरिया के प्रगतिशील किसान लल्ला मिस्र, पांडेपुर गांव के श्री निवाश शामिल रहे। मुख्य अतिथि बृजेश पाठक ने कहा कि खेती में अच्छा काम करने वाले किसानों को उनकी सरकार हर संभव मदद कर रही है। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों, अभिभावकों के साथ ब्लॉक प्रमुख आशीष सिंह, बीजेपी से जुड़े स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

क्षेत्रीय किसान अमरेंद्र सिंह को 16 जुलाई को दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले न्यू इंडिया कॉनक्लेव में शामिल होने के लिए चुना गया है। इस समारोह में देश के युवा प्रगतिशील किसानों को वोटिंग के आधार पर चुनकर बुलाया गया है। समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी होंगे।

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