China Rice Export Rules: अब हर खेप की होगी GMO जांच, जानिए भारतीय चावल निर्यातकों के लिए APEDA ने बदले क्या नियम

Preeti Nahar | Jun 13, 2026, 10:47 IST
Share

चीन को चावल निर्यात करने वाले भारतीय कारोबारियों के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। अब हर चावल खेप की GMO जांच अनिवार्य होगी और बिना प्रमाण पत्र के निर्यात नहीं किया जा सकेगा। APEDA के इस फैसले का निर्यातकों और चावल उद्योग पर क्या असर पड़ेगा? जानिए नए नियमों से जुड़ी पूरी जानकारी।

basmati rice export
basmati rice export
भारत से चीन को चावल निर्यात करने वाले कारोबारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब चीन भेजी जाने वाली हर चावल खेप (Consignment) की GMO यानी जेनेटिकली मॉडिफाइड ऑर्गेनिज्म जांच अनिवार्य होगी। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने चीन के खाद्य सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए नई प्रक्रिया जारी की है।

APEDA के नए निर्देशों के अनुसार, चीन को निर्यात किए जाने वाले चावल के नमूनों की जांच APEDA से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में करानी होगी। जांच के बाद ही निर्यातक को GMO विश्लेषण प्रमाण पत्र (Certificate of Analysis) मिलेगा, जिसके आधार पर चावल की खेप को चीन भेजा जा सकेगा।

यह कदम चीन की ओर से चावल आयात में सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लागू करने के बाद उठाया गया है। हाल के दिनों में कुछ भारतीय चावल खेपों को GMO संबंधी आपत्तियों के कारण जांच का सामना करना पड़ा था।

किन निर्यातकों पर लागू होगा नया नियम?

नई प्रक्रिया उन सभी भारतीय चावल निर्यातकों पर लागू होगी जो चीन के बाजार में चावल भेजना चाहते हैं। निर्यात केवल उन्हीं राइस मिलों और प्रोसेसिंग यूनिट्स से किया जा सकेगा जो संबंधित विभागों के साथ पंजीकृत हैं।

इसके अलावा निर्यातकों को अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ APEDA द्वारा जारी Registration-cum-Allocation Certificate (RCAC) भी लेना होगा।

HACCP सिस्टम और ट्रेसबिलिटी भी जरूरी

APEDA की नई प्रक्रिया में निर्यात करने वाली यूनिट्स के लिए HACCP (Hazard Analysis Critical Control Point) सिस्टम लागू करना और रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी जरूरी किया गया है। इससे चावल की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और सप्लाई चेन की निगरानी बेहतर होगी।

भारतीय चावल निर्यातकों पर क्या असर पड़ेगा?

नई जांच व्यवस्था से निर्यात प्रक्रिया में अतिरिक्त चरण जुड़ जाएगा, लेकिन इससे भारतीय चावल की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी। निर्यातकों को अब शिपमेंट से पहले GMO टेस्टिंग, प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेजों की तैयारी करनी होगी।

भारत दुनिया के प्रमुख चावल निर्यातकों में शामिल है। APEDA के अनुसार, भारत के चावल निर्यात का बड़ा हिस्सा वैश्विक बाजार में जाता है और गुणवत्ता मानकों का पालन निर्यात को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

किसानों और चावल उद्योग के लिए संकेत

चीन जैसे बड़े बाजारों में कड़े गुणवत्ता नियम लागू होने से किसानों, मिलर्स और निर्यातकों को उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक सावधानी बरतनी होगी। गैर-GMO प्रमाणित सप्लाई चेन और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन भविष्य में भारतीय चावल निर्यात को मजबूत कर सकते हैं। ये नियम 9 जून 2026 से मान्य हो गए हैं।
Tags:
  • hazard analysis critical control point
  • apeda registration-cum-allocation certificate
  • China Rice Export Rules
  • GMO Testing Rice Export
  • APEDA New Guidelines
  • Indian Rice Export
  • Basmati Rice Export
  • Non Basmati Rice
  • China Import Rules
  • Agriculture Export India