किसानों के केस वापसी से लेकर 24 घंटे पानी तक, CM विजय ने विधानसभा में किए कई बड़े ऐलान
Mansi | Sept 02, 2026, 16:16 IST
तमिलनाडु सरकार ने किसानों और शिक्षकों से जुड़े पुराने मुद्दों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कई नई विकास पहलों का ऐलान किया। मिंजुर में स्थापित 400 MLD डिसेलिनेशन प्लांट स्थानीय जल आपूर्ति को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा, कचरे से बिजली उत्पादन के लिए योजना भी शुरू की गई है। 15 सितंबर से डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी की नई व्यवस्था का कार्यान्वयन होगा।
CM विजय ने किसानों-शिक्षकों के केस वापसी और ₹4,800 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं का ऐलान किया
तमिलनाडु में किसानों और शिक्षकों से जुड़े पुराने मामलों को लेकर सरकार ने बड़ा फ़ैसला लिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में घोषणा की कि मई 2021 से अप्रैल 2026 के बीच अपनी आजीविका, अधिकारों और जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के ख़िलाफ़ दर्ज कई मामलों को वापस लिया जाएगा। सरकार ने इसे मानवीय दृष्टिकोण और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से जोड़ते हुए पेश किया है। इस घोषणा के साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में पेयजल व्यवस्था, कचरे से बिजली उत्पादन और परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाने से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स का भी ऐलान किया।
विधानसभा में नियम 110 के तहत की गई घोषणाओं में आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़े कई मुद्दों पर फ़ोकस किया गया। सरकार ने उत्तरी चेन्नई और आसपास के इलाक़ों के लिए समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाने की योजना से लेकर नगर निकायों में पेयजल सुविधाओं को बेहतर करने और कचरे से बिजली बनाने तक की परियोजनाएँ सामने रखीं। इन फैसलों का असर किसानों, शहरी परिवारों और आम नागरिकों से जुड़ी बुनियादी सेवाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि मई 2021 से अप्रैल 2026 के बीच आजीविका, अधिकारों और जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले किसानों और शिक्षकों के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम मानवीय आधार और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। इसमें तिरुवन्नामलाई जिले के SIPCOT औद्योगिक क्षेत्र के विरोध से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कुछ किसानों के ख़िलाफ़ गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। इसके अलावा परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के मामलों को भी वापस लेने की बात कही गई है। किसानों ने एयरपोर्ट परियोजना से कृषि भूमि, जलस्रोतों और अपनी आजीविका पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई थी।
पानी की बढ़ती ज़रूरत को देखते हुए सरकार ने मिंजुर में 400 MLD क्षमता का डिसेलिनेशन प्लांट लगाने की घोषणा की है। इससे समुद्र के खारे पानी को साफ़ करके पीने योग्य पानी में बदला जाएगा। इस परियोजना से उत्तरी चेन्नई, अवाडी, पोन्नेरी और मिंजुर क्षेत्र की पेयजल ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा अवाडी नगर निगम के सभी घरों तक 24 घंटे पेयजल पहुँचाने के लिए ₹500 करोड़ की योजना शुरू की जाएगी। मदुरै और कुड्डालोर नगर निगमों के साथ 9 नगरपालिकाओं और 20 टाउन पंचायतों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए ₹1,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार 33 पुरानी संयुक्त पेयजल योजनाओं के पहले चरण में सुधार के लिए ₹300 करोड़ और चेन्नई के किलपॉक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹410 करोड़ की परियोजना भी लागू करेगी। इन घोषणाओं के चलते पेयजल क्षेत्र में कुल निवेश करीब ₹4,800 करोड़ तक पहुँचता है।
शहरों में बढ़ते कचरे के निपटारे के साथ बिजली उत्पादन को जोड़ने के लिए तिरुनेलवेली और सलेम नगर निगमों में वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। तिरुनेलवेली की परियोजना पर ₹256 करोड़ खर्च किए गए हैं और इससे लगभग 9 मेगावाट बिजली पैदा होगी। वहीं सलेम की परियोजना पर ₹291 करोड़ की लागत आई है और यहाँ करीब 10 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। दोनों परियोजनाओं पर कुल ₹547 करोड़ खर्च किए गए हैं।
इन परियोजनाओं का मक़सद शहरों से निकलने वाले कचरे को केवल निपटाने के बजाय उसका इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन में करना है।
वाहन और ड्राइविंग से जुड़े दस्तावेज़ों को भी डिजिटल करने की दिशा में सरकार ने नई व्यवस्था का ऐलान किया है। 15 सितंबर 2026 से नई खरीदी गई गाड़ियों के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC उपलब्ध होगा। इसी तारीख से ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले लोगों को उसी दिन डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस देने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। डिजिटल दस्तावेज़ों में इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन के लिए क्यूआर कोड होगा। दस्तावेज़ खो जाने या ख़राब होने की स्थिति में उन्हें दोबारा डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकेगा। सरकार परिवहन सेवाओं को आगे चलकर 'एनीवेयर रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग' व्यवस्था से जोड़ने की भी तैयारी कर रही है।
विधानसभा में ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन का मुद्दा भी उठा। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने रिपन बिल्डिंग्स में प्रदर्शन कर रहे 2,000 से अधिक कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा सदन में उठाया। प्रदर्शनकारी कर्मचारी पक्की नौकरी, वेतन में बढ़ोतरी, ESI और PF जैसी सुविधाओं और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। संबंधित मंत्री राजमोहन ने कहा कि सरकार कर्मचारियों से बातचीत करके सहमति के आधार पर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कुछ फ़ाइलें भी तैयार की गई हैं।
विधानसभा में नियम 110 के तहत की गई घोषणाओं में आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़े कई मुद्दों पर फ़ोकस किया गया। सरकार ने उत्तरी चेन्नई और आसपास के इलाक़ों के लिए समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाने की योजना से लेकर नगर निकायों में पेयजल सुविधाओं को बेहतर करने और कचरे से बिजली बनाने तक की परियोजनाएँ सामने रखीं। इन फैसलों का असर किसानों, शहरी परिवारों और आम नागरिकों से जुड़ी बुनियादी सेवाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
किसानों और शिक्षकों के पुराने केस होंगे वापस
मिंजुर में 400 MLD का डिसेलिनेशन प्लांट
कचरे से बनेगी बिजली
इन परियोजनाओं का मक़सद शहरों से निकलने वाले कचरे को केवल निपटाने के बजाय उसका इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन में करना है।