डीप डिप्रेशन के असर से 4 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश के आसार, जानिए अपने राज्य का हाल
Mansi | Jul 30, 2026, 11:23 IST
डीप डिप्रेशन के चलते पश्चिमी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा होने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली का प्रभाव 4 अगस्त तक मध्य, पूर्व, उत्तर और पश्चिम भारत में महसूस किया जाएगा। खरीफ फसलों को आवश्यक नमी मिलेगी, लेकिन जलभराव से जोखिम भी बढ़ सकता है। किसानों को जल निकासी की व्यवस्था और बागवानी तथा पशुपालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए निर्देशित किया गया है।
4 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश के आसार
आने वाले कुछ दिन कई राज्यों के लिए अहम रहने वाले हैं। आईएमडी के अनुसार पश्चिमी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डीप डिप्रेशन मौसम की गतिविधियों को तेज़ कर रहा है। इसके प्रभाव से 4 अगस्त तक मध्य, पूर्व, उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
आईएमडी के मुताबिक 30 जुलाई की सुबह यह डीप डिप्रेशन पश्चिमी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास केंद्रित था। अगले 12 घंटों में इसके पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने की संभावना है, लेकिन इसके असर से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों और किसानों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नज़र रखने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, गुजरात, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में 4 अगस्त तक अलग-अलग दिनों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाक़ों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।
लगातार हो रही बारिश से धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, मूँग, उड़द और मूँगफली जैसी खरीफ़ फसलों को पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में अब तक वर्षा सामान्य से कम रही थी, वहाँ यह बारिश फसल की बढ़वार के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। जहाँ तेज़ बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने का ख़तरा भी रहेगा। अधिक समय तक जलभराव रहने से फसलों की जड़ों में सड़न, फफूँद और अन्य रोग बढ़ सकते हैं। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और मौसम साफ़ होने पर ही उर्वरक तथा कीटनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है।
केला, पपीता और अन्य कोमल पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है ताकि तेज़ हवा और बारिश से नुकसान कम हो। पशुपालकों को पशुओं को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखने, चारे को भीगने से बचाने तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश के कारण कुछ शहरों में जलभराव, ट्रैफ़िक जाम और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
अगले कुछ दिन क्यों हैं महत्वपूर्ण यह डीप डिप्रेशन भले ही धीरे-धीरे कमज़ोर हो जाए, लेकिन इसके कारण मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। ऐसे में 4 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। किसानों के लिए यह समय फसल प्रबंधन और जल निकासी पर विशेष ध्यान देने का है, जबकि आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आईएमडी के मुताबिक 30 जुलाई की सुबह यह डीप डिप्रेशन पश्चिमी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास केंद्रित था। अगले 12 घंटों में इसके पश्चिम की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ने की संभावना है, लेकिन इसके असर से कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों और किसानों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नज़र रखने की सलाह दी है।
डीप डिप्रेशन का सबसे अधिक असर किन राज्यों में होगा
बारिश से खरीफ़ फसलों को मिलेगी राहत
बागवानी और पशुपालकों के लिए सलाह
लगातार बारिश के कारण कुछ शहरों में जलभराव, ट्रैफ़िक जाम और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
अगले कुछ दिन क्यों हैं महत्वपूर्ण यह डीप डिप्रेशन भले ही धीरे-धीरे कमज़ोर हो जाए, लेकिन इसके कारण मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। ऐसे में 4 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। किसानों के लिए यह समय फसल प्रबंधन और जल निकासी पर विशेष ध्यान देने का है, जबकि आम लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।