मानसून में बढ़ा डेंगू का ख़तरा, दिखें ये लक्षण तो न करें नज़रअंदाज़; स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइज़री
Umang | Aug 06, 2026, 18:49 IST
मानसून के मौसम में लगातार हो रही बारिश से अनेक स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दिया जाए। डेंगू मच्छर का प्रकोप उसी साफ पानी में होता है, जहां यह पनपता है। तेज़ बुखार, सिरदर्द और लाल चकत्ते इसके प्रमुख लक्षण हैं।
घर के आसपास जमा पानी बन सकता है डेंगू की वजह
देशभर में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश से कई इलाक़ों में जलभराव की स्थिति बन रही है। बारिश के बाद घरों, गलियों और खुले स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। ऐसे मौसम में डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें और मच्छरों की बढ़ोतरी रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि डेंगू से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि लोग समय रहते इसके लक्षण पहचानें, रक्त की जाँच कराएँ और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएँ। मंत्रालय ने लोगों से जागरूक और सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी डेंगू से बचाव के लिए प्रेरित करने की अपील की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बरसात के मौसम में जलभराव मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण होता है। इसलिए घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि गड्ढों और निचले स्थानों को भरकर समतल करें ताकि वहाँ पानी इकट्ठा न हो सके। घरों में रखी पानी की टंकियाँ, बाल्टियाँ, कूलर, टायर, गमले, डिब्बे, नारियल के खोल तथा ऐसे सभी बर्तनों में जमा साफ़ पानी को नियमित रूप से खाली करें या ढककर रखें, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ़ पानी में ही पनपता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि डेंगू होने पर तेज़ बुख़ार, सिरदर्द, पीठ और जोड़ों में दर्द, आँखों के पीछे दर्द तथा शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में मसूड़ों और नाक से रक्तस्राव भी हो सकता है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत रक्त की जाँच कराएँ। डेंगू की निःशुल्क जाँच की सुविधा चिन्हित सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में भी पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है। मंत्रालय ने लोगों को पूरी बाँह के कपड़े पहनने, मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाने, कॉयल का उपयोग करने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि घर और आसपास साफ़-सफ़ाई बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोहराया है कि डेंगू से बचाव केवल दवा से नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और सावधानी से संभव है। यदि हर व्यक्ति अपने घर और आसपास पानी जमा होने से रोके तथा मच्छरों के पनपने की संभावना समाप्त करे, तो डेंगू जैसी बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि डेंगू से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि लोग समय रहते इसके लक्षण पहचानें, रक्त की जाँच कराएँ और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएँ। मंत्रालय ने लोगों से जागरूक और सतर्क रहने के साथ-साथ अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी डेंगू से बचाव के लिए प्रेरित करने की अपील की है।
बारिश का पानी न होने दें जमा, मच्छरों की बढ़ोतरी पर लगाएँ रोक
डेंगू के लक्षणों को पहचानें, तुरंत रक्त की जाँच कराएँ
सुरक्षित रहें, डेंगू से बचें!
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) August 6, 2026
डेंगू के लक्षणों को पहचानें और मच्छरों से बचाव के लिए सरल उपाय अपनाएं। जागरूक रहें, सतर्क रहें और अपने परिवार को डेंगू से सुरक्षित रखें।#Dengue#DenguePrevention pic.twitter.com/lEc6XEPNeg
दिन में काटता है डेंगू का मच्छर, बचाव के लिए अपनाएँ ये उपाय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोहराया है कि डेंगू से बचाव केवल दवा से नहीं, बल्कि सामूहिक जागरूकता और सावधानी से संभव है। यदि हर व्यक्ति अपने घर और आसपास पानी जमा होने से रोके तथा मच्छरों के पनपने की संभावना समाप्त करे, तो डेंगू जैसी बीमारी के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।