यूपी में जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू, लोग खुद भी भर सकेंगे डेटा, सीएम योगी ने लोगों से की ये खास अपील
Gaon Connection | May 07, 2026, 13:01 IST
उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार डिजिटल और जातीय गणना पहली बार की जा रही है। वन ग्रामों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से सही जानकारी देने की अपील की है। 7 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प भी दिया गया है।
पहली बार डिजिटल जनगणना
उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इस बार कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। पहली बार डिजिटल जनगणना के साथ जातीय गणना भी की जाएगी, वहीं वन ग्रामों को भी इसमें शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत करते हुए लोगों से सही जानकारी देने और इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ थीम के साथ मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ आबादी गिनने का काम नहीं है, बल्कि इसी के आधार पर विकास योजनाएं तैयार होती हैं। सरकार ने आम लोगों को 7 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प भी दिया है। इसके तहत लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे। दूसरे चरण में हर व्यक्ति की अलग गणना की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। इस बार जातीय गणना को भी जनगणना का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही वन ग्रामों को भी पहली बार शामिल किया गया है। सरकार ने इसके लिए खास डिजिटल पोर्टल तैयार किया है, जिससे ग्राम और वार्ड स्तर तक रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे डेटा ज्यादा पारदर्शी और सटीक तरीके से जुटाया जा सकेगा।
सरकार के मुताबिक उत्तर प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का काम प्रदेश के 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 शहरी निकायों, 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों और करीब 1.04 लाख राजस्व गांवों में किया जाएगा। इसके लिए करीब 5.47 लाख कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिनमें 4.5 लाख प्रगणक और 85 हजार सुपरवाइजर शामिल हैं। सरकार ने बताया कि 5.35 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सही जानकारी दें और सिर्फ एक ही स्थान पर अपनी गणना कराएं, ताकि योजनाएं सही तरीके से बनाई जा सकें।