National E-Governance Awards 2026: महाराष्ट्र और त्रिपुरा की डिजिटल ग्राम पंचायतों को मिला ई-गवर्नेंस अवॉर्ड, जानिए किसे मिला गोल्ड और सिल्वर
Gaon Connection | Jun 11, 2026, 18:35 IST
देश की पंचायतों में डिजिटल बदलाव की तस्वीर बदल रही है। नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 में महाराष्ट्र और त्रिपुरा की पंचायतों समेत चार पंचायत पहलों को सम्मान मिला। नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 में पंचायतों की उपलब्धियां दिखाती हैं कि गाँवों में भी डिजिटल तकनीक के जरिए शासन और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। जानिए कैसे डिजिटल तकनीक से गाँवों में सेवाएं आसान और तेज हो रही हैं।
पंचायतों की डिजिटल पहल को मिले पुरस्कार
इन पुरस्कारों का वितरण 1-2 जुलाई 2026 को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में किया जाएगा। इस साल सम्मेलन की थीम “विकसित भारत 2047: AI-Enabled, Data-Driven and Secure Digital Governance” रखी गई है।
किन पंचायतों की डिजिटल पहल को मिले पुरस्कार
| पुरस्कार | पहल/संस्था | स्थान | पुरस्कार श्रेणी |
|---|---|---|---|
| गोल्ड अवॉर्ड | पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) – डेटा आधारित शासन व्यवस्था | पंचायती राज मंत्रालय, राष्ट्रीय स्तर | डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल से डिजिटल परिवर्तन |
| गोल्ड अवॉर्ड | कड़ेपुर ग्राम पंचायत | सांगली जिला, महाराष्ट्र | ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की पहल |
| सिल्वर अवॉर्ड | बिजॉय नगर ग्राम पंचायत | पश्चिम त्रिपुरा, त्रिपुरा | ग्राम पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं को मजबूत करने की पहल |
| गोल्ड अवॉर्ड | ई-आरोग्य धमनी (e-Aarogya Dhamni) | जिला परिषद नंदुरबार, महाराष्ट्र | जिला स्तर पर ई-गवर्नेंस पहल |
महाराष्ट्र की कड़ेपुर पंचायत बनी डिजिटल मॉडल
पंचायत ने AI आधारित प्रशासनिक एप्लीकेशन, ब्लॉकचेन तकनीक से रिकॉर्ड प्रबंधन और GIS आधारित प्रॉपर्टी जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों को अपनाया है। खास बात यह है कि पंचायत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों को लेकर नीतियां भी तैयार की हैं।
त्रिपुरा की बिजॉय नगर पंचायत ने दिखाया डिजिटल बदलाव
पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI)पंचायती राज मंत्रालय का एक मूल्यांकन सिस्टम है, जिसमें ग्राम पंचायतों के कामकाज और विकास को कई मानकों के आधार पर परखा जाता है। इसमें पंचायत कीडिजिटल सेवाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, बुनियादी सुविधाएं, आजीविका, सामाजिक विकास और जनभागीदारीजैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाता है। इसके अलावा पंचायत ने महिलाओं में 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता हासिल करने का दावा किया है।
नंदुरबार में डिजिटल तकनीक से सुधरी स्वास्थ्य सेवाएं
इससे उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है, जहां पहले डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बड़ी चुनौती थी।
गोल्ड और सिल्वर विजेताओं को मिलेगा प्रोत्साहन
नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 में पंचायतों की उपलब्धियां दिखाती हैं कि गाँवों में भी डिजिटल तकनीक के जरिए शासन और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। महाराष्ट्र और त्रिपुरा की पंचायतों का मॉडल आने वाले समय में अन्य गाँवों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।