Cough Syrup New Rule: शहर हो या गाँव... कफ सिरप खरीदना है तो जान लें नया नियम, सरकार ने बदले नियम, जानिए मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए क्या करना होगा?
Preeti Nahar | Jun 16, 2026, 14:03 IST
कफ सिरप खरीदने वालों के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिना डॉक्टर की पर्ची के कफ सिरप मिलना आसान नहीं होगा। सरकार ने दवाओं के नियमों में संशोधन करते हुए इनकी बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। क्या अब मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी और सरकार ने यह कदम क्यों उठाया है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।
कफ सिरप खरीदने के नियम, बिना पर्ची कफ सिरप नहीं मिलेगा
अगर आप सर्दी-खांसी होने पर सीधे मेडिकल स्टोर जाकर कफ सिरप खरीद लेते हैं, तो अब आपको डॉक्टर की सलाह लेनी पड़ सकती है। केंद्र सरकार ने कफ सिरप के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दवाओं से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत कफ सिरप की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और इन्हें डॉक्टर के वैध पर्चे के आधार पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 को अधिसूचित किया है। इसके तहत Drugs Rules, 1945 में बदलाव किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देना और कफ सिरप के दुरुपयोग को रोकना है।
नए संशोधन के तहत Drugs Rules, 1945 के Schedule K में बदलाव किया गया है। इसमें सीरियल नंबर 13 के आइटम नंबर (7) में मौजूद “Syrups” शब्द को हटा दिया गया है।
इस बदलाव के बाद कफ सिरप की बिक्री को लेकर नियमों को और सख्त किया गया है। अब मेडिकल स्टोर संचालकों को ऐसे सिरप बेचते समय डॉक्टर की पर्ची और दवा नियमों का पालन करना होगा।
कफ सिरप का इस्तेमाल आमतौर पर खांसी और गले की समस्या में किया जाता है, लेकिन कुछ मामलों में इनका गलत इस्तेमाल चिंता का कारण बनता रहा है। कुछ सिरप में मौजूद दवाइयों का जरूरत से ज्यादा सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इसी को देखते हुए सरकार ने कफ सिरप की बिक्री और वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि लोग बिना जरूरत या बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका इस्तेमाल न करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अलग बयान के अनुसार, अब छोटे गाँवों में भी कफ सिरप की बिक्री और वितरण केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही किया जा सकेगा। यह बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) के प्रावधानों के तहत ही करनी होगी।
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से कफ सिरप की बिक्री और वितरण व्यवस्था को अधिक जिम्मेदार और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। साथ ही, देशभर में दवाओं से जुड़े नियमों का बेहतर तरीके से पालन सुनिश्चित होगा और कफ सिरप के दुरुपयोग पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
नए नियम लागू होने के बाद मेडिकल स्टोर संचालकों को कफ सिरप बेचने में सावधानी बरतनी होगी। अब ऐसे सिरप केवल वैध चिकित्सीय पर्चे के आधार पर ही बेचे जा सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मरीजों को जरूरत के अनुसार ही दवा मिले और कफ सिरप का गलत इस्तेमाल कम किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नियमों में बदलाव से पहले इसका ड्राफ्ट जारी किया गया था। इसके बाद आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार ने नए नियमों को मंजूरी दी और इन्हें सरकारी गजट में प्रकाशित कर लागू कर दिया।
सरकार लगातार दवाओं की बिक्री और गुणवत्ता को लेकर नियमों को अपडेट कर रही है। कफ सिरप को लेकर किया गया यह बदलाव भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अब लोगों को खांसी या सर्दी जैसी सामान्य समस्या में भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह पर ध्यान देना होगा, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 को अधिसूचित किया है। इसके तहत Drugs Rules, 1945 में बदलाव किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा देना और कफ सिरप के दुरुपयोग को रोकना है।
Drugs Rules 1945 में किया गया संशोधन
इस बदलाव के बाद कफ सिरप की बिक्री को लेकर नियमों को और सख्त किया गया है। अब मेडिकल स्टोर संचालकों को ऐसे सिरप बेचते समय डॉक्टर की पर्ची और दवा नियमों का पालन करना होगा।
क्यों उठाया गया यह कदम?
इसी को देखते हुए सरकार ने कफ सिरप की बिक्री और वितरण व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि लोग बिना जरूरत या बिना चिकित्सकीय सलाह के इनका इस्तेमाल न करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अलग बयान के अनुसार, अब छोटे गाँवों में भी कफ सिरप की बिक्री और वितरण केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही किया जा सकेगा। यह बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) के प्रावधानों के तहत ही करनी होगी।
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से कफ सिरप की बिक्री और वितरण व्यवस्था को अधिक जिम्मेदार और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। साथ ही, देशभर में दवाओं से जुड़े नियमों का बेहतर तरीके से पालन सुनिश्चित होगा और कफ सिरप के दुरुपयोग पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।