जून में गर्मी और लू का डबल अटैक! IMD नया अलर्ट, कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव की चेतावनी

Preeti Nahar | May 29, 2026, 15:06 IST
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून 2026 के लिए नया मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी दी है कि देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा लू चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्यों को स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर पहले से तैयारी करने की सलाह दी है।
जून में फिर बढ़ेगी गर्मी, IMD का नया अलर्ट
जून में फिर बढ़ेगी गर्मी, IMD का नया अलर्ट
देश में मानसून की दस्तक से पहले ही जून 2026 को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जून महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। साथ ही कई राज्यों में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बढ़ती गर्मी का असर जनस्वास्थ्य, पानी की उपलब्धता और बिजली खपत पर भी पड़ सकता है।

जून में कैसा रहेगा मौसम?

IMD के अनुसार जून 2026 के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। हालांकि मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान रह सकता है।

वहीं न्यूनतम तापमान यानी रात का तापमान भी देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में ही सामान्य से कम न्यूनतम तापमान की संभावना जताई गई है।

किन राज्यों में ज्यादा चलेगी लू?

मौसम विभाग के मुताबिक जून 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा लू चल सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है। हालांकि राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम लू चलने का अनुमान है।

स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर बढ़ेगा दबाव

IMD ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक पड़ने वाली भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों, बाहरी कामगारों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ सकता है। लगातार बढ़ते तापमान से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा बिजली की मांग, पानी की खपत और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है।

सरकारों को क्या सलाह दी गई?

मौसम विभाग ने राज्यों को सलाह दी है-

  • कूलिंग सेंटर और राहत शिविर तैयार रखने
  • सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने
  • स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था मजबूत करने
  • और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय रखने की सलाह दी है।
साथ ही जनता को दोपहर के समय तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

मानसून को लेकर क्या कहा गया?

IMD ने दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के लिए अपने दीर्घकालिक पूर्वानुमान को अपडेट करते हुए कहा है कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। कई मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो (El Nino) की स्थिति मानसून और गर्मी दोनों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जून की गर्मी और कमजोर मानसून का असर खेती, जल भंडारण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
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