Ethanol Blending: क्या E20 पेट्रोल से आपका वाहन बीमा हो जाएगा रद्द? सरकार ने बताई पूरी सच्चाई
Umang | Jun 24, 2026, 17:33 IST
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित है और इससे वाहन बीमा की वैधता प्रभावित नहीं होती। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से देश को 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचत हुई है। साथ ही इससे किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिला है।
E20 पेट्रोल भरवाने से पहले जान लें ये बात
देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के बढ़ते उपयोग के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है और इसके इस्तेमाल से वाहन बीमा की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। सरकार ने उन दावों को ख़ारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने पर वाहन बीमा अमान्य हो सकता है। सरकार का कहना है कि इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की गई और ऐसी आशंकाएँ ग़लत पाई गईं।
केंद्र सरकार के अनुसार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम न केवल उपभोक्ता हितैषी और सुरक्षित है, बल्कि इससे देश को आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर भी लाभ मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक तथ्यों और विभिन्न हितधारकों के साथ निरंतर संवाद के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि यह पहल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और किसानों की आय को मज़बूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि E20 ईंधन के उपयोग से वाहन बीमा अमान्य होने संबंधी दावों की संबंधित पक्षों के साथ समीक्षा की गई थी। समीक्षा में पाया गया कि ऐसी बातें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण दुनिया के कई देशों में अपनाई जा चुकी एक स्वीकृत व्यवस्था है और इसका सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार अमेरिका, ब्राज़ील और जापान जैसे देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का व्यापक उपयोग हो रहा है। बयान में कहा गया कि ब्राज़ील ने तो लंबे समय से पेट्रोल में अधिक इथेनॉल मिश्रण को अपनाया हुआ है और वहाँ E27 मानक पेट्रोल मिश्रण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के कारण भारत को कच्चे तेल के आयात में कमी लाने में मदद मिली है। मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम से देश ने अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत की है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में उपयोग होने वाले कृषि आधारित कच्चे माल की मांग लगातार बढ़ी है। इससे किसानों की आय को समर्थन मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिली है। मंत्रालय के बयान के अनुसार इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ने कृषि क्षेत्र और ऊर्जा क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया है, जिससे किसानों को अतिरिक्त बाज़ार उपलब्ध हुआ है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, "एथेनॉल मिश्रण भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था की दिशा में देश के प्रयासों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।" मंत्रालय ने कहा कि सरकार इस कार्यक्रम को सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी वैज्ञानिक प्रमाणों और हितधारकों की भागीदारी के आधार पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
केंद्र सरकार के अनुसार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम न केवल उपभोक्ता हितैषी और सुरक्षित है, बल्कि इससे देश को आर्थिक और पर्यावरणीय स्तर पर भी लाभ मिल रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक तथ्यों और विभिन्न हितधारकों के साथ निरंतर संवाद के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि यह पहल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और किसानों की आय को मज़बूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।