भुवनेश्वर में इस तारीख को होगा पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन, कृषि विकास पर होगा बड़ा मंथन; समय रहते जानें तारीख
Gaon Connection | May 18, 2026, 19:06 IST
पूर्वी भारत के कृषि विकास को नई दिशा देने के लिए भुवनेश्वर में बड़ा कृषि सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर होने वाले इस सम्मेलन में कई राज्यों के मंत्री, वैज्ञानिक, किसान संगठन, स्टार्टअप और विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में सिर्फ योजनाओं की समीक्षा ही नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती, नकली खाद-कीटनाशकों पर रोक और कृषि क्षेत्र में नए नवाचारों पर भी अहम चर्चा होगी।
भुवनेश्वर में 19 मई को होगा पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से 19 मई 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। सम्मेलन में मोहन चरण मांझी सहित विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, वैज्ञानिक, किसान प्रतिनिधि, एफपीओ, कृषि स्टार्टअप, बैंक और अन्य हितधारक शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य पूर्वी भारत में कृषि विकास को गति देना और किसानों की आय बढ़ाने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय में वृद्धि और केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों को एजेंडे में शामिल किया गया है। इनमें किसान रजिस्ट्री की प्रगति, बागवानी क्षेत्र की संभावनाएं और दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिशन प्रमुख हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य तेल तिलहन मिशन (NMEO-OS), पीएम-आशा, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन, फार्म क्रेडिट और किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में नकली कीटनाशकों और उर्वरकों पर नियंत्रण को लेकर भी व्यापक विचार-विमर्श होगा। सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने, संतुलित उपयोग बढ़ाने और वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने की रणनीति पर राज्यों के साथ चर्चा करेगी। बताया जा रहा है कि इससे किसानों को गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का मानना है कि इन सफल प्रयोगों से दूसरे राज्यों को भी नई दिशा मिल सकेगी। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों द्वारा कृषि क्षेत्र में अपनाए गए सफल मॉडल और नवाचारों की प्रस्तुति भी दी जाएगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि यह सम्मेलन किसानों के हित में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान खोजने, नवाचारों के आदान-प्रदान और सतत कृषि विकास की भविष्य की रणनीति तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। सम्मेलन के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री मीडिया को संबोधित कर प्रमुख निर्णयों और चर्चाओं की जानकारी भी देंगे।
कृषि विकास और किसान कल्याण पर होगा मंथन
इन अहम मुद्दों पर होगी विशेष चर्चा
नकली खाद और कीटनाशकों पर रहेगा फोकस
राज्यों के सफल मॉडल होंगे साझा
- ओडिशा कृषि विस्तार कार्यों के मॉडल साझा करेगा
- पश्चिम बंगाल बीज उत्पादन की बेहतर तकनीकों पर प्रस्तुति देगा
- झारखंड एफपीओ आधारित वैल्यू चेन और कृषि स्टार्टअप मॉडल साझा करेगा
- बिहार मक्का उत्पादन और विपणन के सफल अनुभव बताएगा