यूपी के हर परिषदीय विद्यालय में बनेगा इको क्लब, पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार ने जारी किए 65.64 करोड़ रुपये
Gaon Connection | Jun 29, 2026, 16:46 IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने समग्र शिक्षा के तहत 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' कार्यक्रम के लिए 65.64 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रत्येक परिषदीय विद्यालय को 5,000 रुपये मिलेंगे। सभी विद्यालयों में इको क्लब बनेंगे और जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, ई-वेस्ट प्रबंधन, सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त अभियान सहित पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ जुलाई से मार्च तक संचालित की जाएँगी।
यूपी के स्कूलों में चलेगा मिशन लाइफ अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्यालयों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार ने 65.64 करोड़ रुपये (6563.95 लाख रुपये) की वित्तीय लिमिट जारी कर दी है। इस राशि से प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को गति दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना विकसित करना और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रत्येक पात्र विद्यालय को 5,000 रुपये की दर से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई राशि तीन दिन के भीतर विद्यालयों तक पहुँचा दी जाए तथा इको क्लबों का गठन, पंजीकरण और निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के निर्देशानुसार सभी पात्र प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' का गठन किया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक क्लब के संरक्षक होंगे, जबकि एक शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को क्लब से जोड़कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। क्लब की अधिसूचना जारी करने के साथ उसका पंजीकरण निर्धारित पोर्टल पर कराया जाएगा तथा नियमित बैठकें आयोजित होंगी। प्रत्येक गतिविधि का अभिलेखीकरण किया जाएगा और समय-समय पर उसकी समीक्षा भी होगी।
प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराए गए 5,000 रुपये का उपयोग इको क्लब की गतिविधियों, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों, पौधरोपण, कम्पोस्ट निर्माण, शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों पर किया जाएगा। विद्यालयों को निर्धारित वित्तीय मानकों के अनुरूप खर्च करना होगा तथा सभी व्यय का अभिलेख सुरक्षित रखना होगा। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों, स्थानीय निकायों और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। सभी विद्यालयों को इको क्लब गठन, गतिविधियों, फोटो, वीडियो और प्रगति रिपोर्ट भी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसकी नियमित समीक्षा संबंधित अधिकारी करेंगे।
इको क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों को 'लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (मिशन लाइफ)' के सात प्रमुख विषयों से जोड़ा जाएगा। इनमें स्वस्थ एवं सतत जीवनशैली अपनाना, टिकाऊ खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देना, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, कचरा कम करना और पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना शामिल है। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करना और समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
आदेश के साथ जुलाई से मार्च तक का विस्तृत मासिक गतिविधि कैलेंडर भी जारी किया गया है। इसके तहत जुलाई में पौधरोपण एवं हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन और कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी और मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और विश्व जल दिवस से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इसके अलावा पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ समुदाय को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विद्यालय अतिरिक्त गतिविधियाँ भी आयोजित कर सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना विकसित करना और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रत्येक पात्र विद्यालय को 5,000 रुपये की दर से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों, सहायक लेखा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि जारी की गई राशि तीन दिन के भीतर विद्यालयों तक पहुँचा दी जाए तथा इको क्लबों का गठन, पंजीकरण और निर्धारित गतिविधियों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रत्येक विद्यालय में बनेगा इको क्लब, पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों पर होगा खर्च
प्रत्येक विद्यालय को उपलब्ध कराए गए 5,000 रुपये का उपयोग इको क्लब की गतिविधियों, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों, पौधरोपण, कम्पोस्ट निर्माण, शिक्षण सामग्री, स्टेशनरी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों पर किया जाएगा। विद्यालयों को निर्धारित वित्तीय मानकों के अनुरूप खर्च करना होगा तथा सभी व्यय का अभिलेख सुरक्षित रखना होगा। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों, स्थानीय निकायों और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। सभी विद्यालयों को इको क्लब गठन, गतिविधियों, फोटो, वीडियो और प्रगति रिपोर्ट भी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसकी नियमित समीक्षा संबंधित अधिकारी करेंगे।
जल संरक्षण से ई-वेस्ट प्रबंधन तक चलेगा अभियान, जुलाई से मार्च तक तय हुआ गतिविधि कैलेंडर
आदेश के साथ जुलाई से मार्च तक का विस्तृत मासिक गतिविधि कैलेंडर भी जारी किया गया है। इसके तहत जुलाई में पौधरोपण एवं हरित परिसर, अगस्त में किचन गार्डन और कम्पोस्ट निर्माण, सितंबर में ई-वेस्ट प्रबंधन, अक्टूबर में कचरा पृथक्करण एवं पुनर्चक्रण, नवंबर में ऊर्जा संरक्षण, दिसंबर में जल संरक्षण, जनवरी में सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा फरवरी और मार्च में स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और विश्व जल दिवस से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इसके अलावा पोस्टर, निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, रैली, शपथ, प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ समुदाय को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विद्यालय अतिरिक्त गतिविधियाँ भी आयोजित कर सकेंगे।