पोल्ट्री क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि: ओडिशा से पहली बार ऑस्ट्रिया भेजा गया अंडे का पाउडर, 22.6 टन खेप का निर्यात
Gaon Connection | Jun 21, 2026, 11:24 IST
ओडिशा के बलांगीर ज़िले से पहली बार 22.6 मीट्रिक टन ड्राइड होल एग पाउडर की खेप ऑस्ट्रिया निर्यात की गई है। APEDA के सहयोग से OVO Farm Pvt Ltd ने यह निर्यात किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि भारतीय मूल्यवर्धित पोल्ट्री उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है और यूरोपीय बाज़ारों में नए अवसर खोलती है।
यूरोपीय बाज़ार में बढ़ी भारतीय एग पाउडर की माँग
भारत के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात क्षेत्र को बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा के बलांगीर ज़िले से पहली बार ड्राइड होल एग पाउडर (अंडे का पाउडर) की व्यावसायिक खेप ऑस्ट्रिया भेजी गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने इस निर्यात को सुगम बनाया है। मंत्रालय के अनुसार, यह उपलब्धि भारत से मूल्यवर्धित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
22.6 मीट्रिक टन की यह खेप बलांगीर स्थित APEDA-पंजीकृत निर्यातक कंपनी OVO Farm Pvt Ltd ने निर्यात की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह खेप भारतीय मूल्यवर्धित पोल्ट्री उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है और प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्रसंस्कृत अंडा उत्पादों के निर्यात के नए अवसर खोलती है।
क्षेत्रीय अंडा मूल्य श्रृंखला को मज़बूत करने और निर्यात आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने वर्ष 2025 में बलांगीर में अत्याधुनिक एग प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया था। इस यूनिट में तैयार होने वाले ड्राइड एग उत्पाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा तथा गुणवत्ता मानकों का पालन करते हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह संयंत्र EIC मानकों, यूरोपीय संघ (EU) के स्वच्छता मानकों और अन्य वैश्विक नियमों के अनुरूप कार्य करता है।
ड्राइड होल एग पाउडर का उपयोग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, बेकरी, कन्फेक्शनरी और फ़ार्मास्यूटिकल क्षेत्र में व्यापक रूप से किया जाता है। इसकी लंबी शेल्फ लाइफ़, आसान परिवहन और बहुउपयोगी प्रकृति इसे उद्योगों के लिए उपयोगी बनाती है। यह उत्पाद तरल अंडों को स्प्रे-ड्राइंग प्रक्रिया से तैयार किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन के दौरान कड़े गुणवत्ता नियंत्रण उपाय अपनाए जाते हैं।
22.6 मीट्रिक टन ड्राइड होल एग पाउडर की इस खेप को APEDA के अध्यक्ष अभिषेक देव (IAS) ने वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। इस अवसर पर ओडिशा सरकार के मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग (F&ARD) के आयुक्त-सह-सचिव प्रेम चंद (IAS) और बलांगीर के कलेक्टर एवं ज़िलाधिकारी गौरव शिवाजी इसलवार (IAS) भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधियों, APEDA के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य हितधारकों ने भी भाग लिया।
APEDA ने अपनी वित्तीय सहायता योजनाओं के तहत कंपनी को प्रोसेसिंग अवसंरचना विकसित करने, खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली अपनाने और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं को मज़बूत बनाने में सहयोग दिया है। मंत्रालय के अनुसार, इन प्रयासों से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ती है और वे वैश्विक बाज़ारों की सख़्त आवश्यकताओं को पूरा कर पाते हैं।
ऑस्ट्रिया समेत कई यूरोपीय देश खाद्य और औद्योगिक उपयोग के लिए एग पाउडर का आयात करते हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस खेप का सफल निर्यात यूरोपीय संघ के देशों में भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बढ़ती माँग को दर्शाता है और उच्च गुणवत्ता वाले कृषि एवं खाद्य उत्पादों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति को मज़बूत करता है।
मंत्रालय ने कहा है कि यह निर्यात ओडिशा में पोल्ट्री प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, राज्य के कृषि-प्रसंस्करण तंत्र को मज़बूत करने और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा।
22.6 मीट्रिक टन की यह खेप बलांगीर स्थित APEDA-पंजीकृत निर्यातक कंपनी OVO Farm Pvt Ltd ने निर्यात की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह खेप भारतीय मूल्यवर्धित पोल्ट्री उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है और प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में प्रसंस्कृत अंडा उत्पादों के निर्यात के नए अवसर खोलती है।
बलांगीर में स्थापित किया गया आधुनिक एग प्रोसेसिंग प्लांट
क्या होता है ड्राइड होल एग पाउडर?
APEDA अध्यक्ष ने वर्चुअल माध्यम से रवाना की खेप
निर्यातकों को मिल रही APEDA की सहायता
यूरोप में बढ़ रही भारतीय एग पाउडर की माँग
मंत्रालय ने कहा है कि यह निर्यात ओडिशा में पोल्ट्री प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, राज्य के कृषि-प्रसंस्करण तंत्र को मज़बूत करने और मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा।