El Nino का ख़तरा! कमजोर पड़ सकता है मानसून, धान और मक्का किसानों पर बढ़ेगी मुश्किल
Preeti Nahar | Jun 16, 2026, 10:03 IST
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के खतरा के कारण मानसून कमजोर पड़ सकता है जिससे धान और मक्का किसानों को परेशानी होगी और खरीफ फसलों पर असर पड़ेगा। इस कारण सिंचाई की जरूरत बढ़ेगी और खेती की लागत भी। जानिए मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को क्या-क्या तैयारी करनी होगी।
कम बारिश से खरीफ फसलों पर असर
दक्षिण-पश्चिम मानसून पर एक बार फिर अल नीनो (El Nino) का खतरा मंडराने लगा है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के नए चरण की शुरुआत भारत में मानसूनी बारिश को प्रभावित कर सकती है।
अगर मानसून सामान्य से कमजोर रहता है तो इसका सीधा असर बारिश पर निर्भर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। खासतौर पर धान और मक्का की खेती करने वाले किसानों को सिंचाई और उत्पादन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
भारत में खरीफ सीजन की कई फसलें मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती हैं। धान, मक्का, सोयाबीन और दालों जैसी फसलों के लिए समय पर और पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी होती है।
FAO के मुताबिक, अगर बारिश में कमी आती है तो किसानों को फसलों की जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त सिंचाई का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे खेती की लागत बढ़ सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
FAO ने कहा है कि कमजोर मानसून का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि पर निर्भर लोगों की आजीविका पर भी पड़ सकता है।
जिन इलाकों में पहले से पानी की कमी या अन्य कृषि संकट मौजूद हैं, वहां स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। कम उत्पादन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को फसल चयन, पानी के बेहतर प्रबंधन और खेती की नई तकनीकों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। कम पानी में तैयार होने वाली किस्मों को अपनाना और सिंचाई के बेहतर तरीकों का इस्तेमाल करना किसानों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, अल नीनो का असर कितना होगा, यह आने वाले समय में मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौसम एजेंसियां लगातार इसकी निगरानी कर रही हैं।
अगर मानसून सामान्य से कमजोर रहता है तो इसका सीधा असर बारिश पर निर्भर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। खासतौर पर धान और मक्का की खेती करने वाले किसानों को सिंचाई और उत्पादन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कम बारिश से खरीफ फसलों पर असर
FAO के मुताबिक, अगर बारिश में कमी आती है तो किसानों को फसलों की जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त सिंचाई का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे खेती की लागत बढ़ सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर चिंता
जिन इलाकों में पहले से पानी की कमी या अन्य कृषि संकट मौजूद हैं, वहां स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। कम उत्पादन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।
किसानों को तैयारी की सलाह
हालांकि, अल नीनो का असर कितना होगा, यह आने वाले समय में मानसून की स्थिति पर निर्भर करेगा। मौसम एजेंसियां लगातार इसकी निगरानी कर रही हैं।