EL NINO 2026: मई-जुलाई 2026 तक लौट सकता है अल नीनो, दुनिया में बढ़ सकती है गर्मी: WMO रिपोर्ट

Gaon Connection | Apr 25, 2026, 14:06 IST
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अल नीनो की संभावना फिर से बढ़ती दिख रही है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मई से जुलाई 2026 तक अल नीनो वापसी कर सकता है। इससे वैश्विक तापमान में वृद्धि होगी और बारिश की स्थिति में भी बदलाव आएगा। कृषि क्षेत्र और सरकारी एजेंसियाँ इस पर ध्यान दे रही हैं।
el nino, global warming
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El Nino India Monsoon Impact: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। यह संकेत दे रहा है कि मई-जुलाई 2026 के बीच अल नीनो की स्थिति दोबारा विकसित हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले महीनों में दुनिया के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी और बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है।

क्या है WMO का ताजा अनुमान?

मानसून पर अल नीनो असर
मानसून पर अल नीनो असर


WMO के मुताबिक, साल की शुरुआत में ENSO प्रणाली तटस्थ (Neutral) स्थिति में थी, लेकिन अब जलवायु मॉडल एक बार फिर अल नीनो की ओर इशारा कर रहे हैं। संगठन के जलवायु भविष्यवाणी प्रमुख विलफ्रान मौफौमा ओकिया ने कहा कि कई मॉडल अब एक जैसी दिशा दिखा रहे हैं और अल नीनो बनने की संभावना मजबूत हो रही है। उनका कहना है कि यह एक मजबूत घटना भी बन सकती है, हालांकि अप्रैल के बाद पूर्वानुमान अधिक स्पष्ट होंगे।

अल नीनो क्या होता है?

अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के पानी का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। यह आमतौर पर हर 2 से 7 साल में विकसित होता है और करीब 9 से 12 महीने तक असर दिखा सकता है। अल नीनो और ला नीना, ENSO यानी अल नीनो-दक्षिणी दोलन के दो विपरीत चरण हैं, जो वैश्विक मौसम को प्रभावित करते हैं।

दुनिया पर क्या होगा असर?

IMD मानसून पूर्वानुमान 2026
IMD मानसून पूर्वानुमान 2026
WMO का कहना है कि मई-जून-जुलाई 2026 के दौरान दुनिया के अधिकांश हिस्सों में जमीन की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। दक्षिणी उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, कैरिबियन, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में गर्मी का प्रभाव ज्यादा मजबूत रह सकता है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिलेंगे।

भारत के मानसून पर असर की संभावना

अल नीनो की पिछली घटनाओं के दौरान भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पर असर देखा गया है। कई बार मानसून की शुरुआत में देरी हुई है या सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भी संकेत दिया है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और वर्षा दीर्घकालिक औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वर्ष 2023 में भी अल नीनो जून महीने में सक्रिय हुआ था और लगभग 11 महीने तक बना रहा, जिसके चलते मानसून प्रभावित हुआ था। इसके बाद 2024 में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था।

किन इलाकों में बारिश, कहाँ सूखे का खतरा?

WMO warns of likely El Niño return
WMO warns of likely El Niño return


आमतौर पर अल नीनो के दौरान दक्षिणी दक्षिण अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका (US), हॉर्न ऑफ अफ्रीका और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में ज्यादा बारिश होती है। वहीं ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और दक्षिणी एशिया के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति बन सकती है। मानसून प्रभावित क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

भारत और दक्षिण एशिया के लिए क्यों अहम है?

भारत सहित दक्षिण एशिया के लिए यह पूर्वानुमान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अल नीनो का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ सकता है। कई बार अल नीनो के दौरान मानसून कमजोर पड़ता है, जिससे खेती, जल भंडारण और बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकते हैं। दक्षिण एशियाई जलवायु आउटलुक फोरम 28 अप्रैल को मानसून को लेकर नया पूर्वानुमान जारी करेगा।

कृषि, जल और स्वास्थ्य क्षेत्र पर असर

भारत में कम बारिश की संभावना, WMO अल नीनो रिपोर्ट
भारत में कम बारिश की संभावना, WMO अल नीनो रिपोर्ट


मौसमी पूर्वानुमान कृषि, जल संसाधन, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद अहम होते हैं। यदि गर्मी बढ़ती है और बारिश कम होती है, तो फसलों, पेयजल उपलब्धता और बिजली मांग पर दबाव बढ़ सकता है। हीटवेव जैसी चरम मौसम घटनाएं भी तेज हो सकती हैं।

2024 क्यों रहा सबसे गर्म साल?

WMO ने कहा कि 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल रहा था। इसके पीछे 2023-24 का शक्तिशाली अल नीनो और ग्रीनहाउस गैसों से बढ़ता मानव-जनित जलवायु परिवर्तन बड़ा कारण था। हालांकि संगठन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सीधे अल नीनो की संख्या नहीं बढ़ाता, लेकिन इसके प्रभावों को ज्यादा गंभीर बना सकता है।

अगला अपडेट कब आएगा?

WMO मई के अंत में अगला अल नीनो/ला नीना अपडेट जारी करेगा। इसमें जून-अगस्त 2026 और उसके बाद की अवधि के लिए अधिक सटीक जानकारी दी जाएगी, जिससे सरकारों और एजेंसियों को तैयारी में मदद मिलेगी।
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