जुलाई से पहले ‘अल नीनो’ एक्टिव होने के 61% आसार, अमेरिका के क्लाइमेट सेंटर का बड़ा अलर्ट, जानें भारत पर क्या पड़ेगा असर?

Gaon Connection | May 06, 2026, 12:04 IST
Share
दुनिया के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अल नीनो के विकसित होने की 61% संभावना है। इससे भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है। खेती-किसानी पर सीधा असर देखने को मिलेगा। जून तक मौसम न्यूट्रल रहेगा, फिर बदल सकता है। प्रशांत महासागर का बढ़ता तापमान अल नीनो का संकेत दे रहा है।
अल नीनो
अल नीनो
दुनिया के मौसम में बड़ा बदलाव आने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के Climate Prediction Center (CPC) ने चेतावनी दी है कि मई से जुलाई के बीच 61% संभावना है कि सूखा लाने वाला अल नीनो विकसित हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है और खेती-किसानी पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

जून तक न्यूट्रल स्थिति, फिर बदल सकता है मौसम

CPC के अनुसार फिलहाल जून तक अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) न्यूट्रल स्थिति में रहने की संभावना है लेकिन इसके बाद परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और अल नीनो सक्रिय हो सकता है जिससे एशिया के मौसम पर व्यापक असर पड़ेगा।

प्रशांत महासागर में बढ़ता तापमान बना संकेत

रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी से पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। अप्रैल के मध्य से यह बढ़त और फैल गई है और अब अधिकांश प्रशांत महासागर में तापमान औसत से ऊपर पहुंच गया है। समुद्र के भीतर के तापमान और हवाओं के पैटर्न में बदलाव भी अल नीनो के मजबूत संकेत माने जा रहे हैं।

भारत के लिए खतरे की घंटी

अल नीनो का सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ता है। India Meteorological Department (IMD) ने पहले ही 2026 में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है, जो दीर्घकालिक औसत का करीब 92% रह सकती है। साल 2023 में भी अल नीनो के चलते देश में केवल 94% बारिश हुई थी जिससे एक-तिहाई हिस्से में सूखे जैसे हालात बने और तिलहन, दालें व धान की पैदावार प्रभावित हुई।

लंबा असर और ‘सुपर अल नीनो’ का खतरा

मौसम एजेंसियों के मुताबिक अल नीनो का असर जनवरी 2027 तक बना रह सकता है, जिससे रबी फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। इस बार ‘सुपर अल नीनो’ की आशंका भी जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार यह अल नीनो 2023 से ज्यादा ताकतवर हो सकता है और 2015 जैसी तीव्रता को भी चुनौती दे सकता है।

राहत की उम्मीद भी बाकी

हालांकि भारत के लिए एक सकारात्मक पहलू यह है कि हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) विकसित हो सकता है जो अल नीनो के सूखे असर को कुछ हद तक कम कर सकता है। इसके बावजूद, मौजूदा हालात संकेत देते हैं कि आने वाला समय मौसम और कृषि दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
Tags:
  • El Nino 2026
  • CPC weather alert
  • ENSO update
  • India monsoon forecast
  • weak monsoon India
  • drought risk India
  • Pacific Ocean warming
  • Super El Nino
  • Indian Ocean Dipole IOD
  • climate impact India