चावल पर मौसम की मार! अल नीनो बिगाड़ सकता है गणित, 2026-27 में 90 लाख टन कम हो सकता है उत्पादन
Mansi | Aug 11, 2026, 11:25 IST
वैश्विक चावल उत्पादन 2026-27 में लगभग 9 मिलियन मीट्रिक टन घट सकता है। अल नीनो का प्रभाव और खेती की बढ़ती लागत उत्पादन को प्रभावित करेगी। कई प्रमुख चावल उत्पादक देशों में मौसम की अनिश्चितता किसानों के लिए चुनौती बनेगी। वैश्विक आयात मांग बढ़कर 59.7 मिलियन टन तक पहुँचने का अनुमान है। भारत इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस 2026 में बाजार का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया जाएगा।
चावल उत्पादन घटने से वैश्विक आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
वैश्विक चावल बाजार पर मौसम और बढ़ती लागत का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। संभावित रूप से मजबूत अल नीनो, खेती में बढ़ती लागत और भू-राजनीतिक तनाव के चलते 2026-27 मार्केटिंग वर्ष में दुनिया का चावल उत्पादन घटने का अनुमान है। S&P Global के अनुमान के मुताबिक, वैश्विक चावल उत्पादन करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन घटकर 536.4 मिलियन टन रह सकता है। यह जानकारी इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) ने साझा की है।
वैश्विक चावल बाजार में यह बदलाव ऐसे समय में सामने आ रहा है, जब कई देशों में खाद्य सुरक्षा और घरेलू आपूर्ति को लेकर पहले से ही सतर्कता बढ़ी हुई है। अगर मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से उत्पादन प्रभावित होता है और देश अपनी जरूरत पूरी करने के लिए आयात बढ़ाते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग का दबाव बढ़ सकता है। इसका असर चावल की उपलब्धता, व्यापार और कीमतों पर पड़ने की आशंका है।
भारत समेत बड़े उत्पादक देशों के सामने मौसम की चुनौती
2027 तक बना रह सकता है अल नीनो का असर
बढ़ती लागत भी किसानों के लिए चुनौती
उत्पादन कम, लेकिन निर्यात पर बड़ा असर नहीं
चावल के स्टॉक और कीमतों पर भी रहेगी नजर
BIRC 2026 में सामने आएगा बाजार का विस्तृत आकलन
इसके अलावा यह भी बताया जाएगा कि किन देशों को आपूर्ति से जुड़े सबसे बड़े जोखिम का सामना करना पड़ सकता है, कौन-से देश आने वाले समय में बड़े आयातक बन सकते हैं और वैश्विक चावल व्यापार के पारंपरिक रास्तों में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुल मिलाकर, 2026-27 में चावल बाजार के सामने मौसम, लागत और भू-राजनीतिक परिस्थितियों की चुनौती बनी रह सकती है। ऐसे में किसानों से लेकर निर्यातकों और आयातक देशों तक, सभी की नजर आने वाले महीनों में मौसम और वैश्विक बाजार की गतिविधियों पर रहेगी।