यूपी में ज़मीन की पैमाइश हुई हाईटेक, जीएनएसएस तकनीक से होगा सीमांकन, शुरू हुआ अभियान

Gaon Connection | Jul 01, 2026, 18:43 IST
Share

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जुलाई से 15 अगस्त तक डिजी रोवर (जीएनएसएस) विशेष भूमि पैमाइश अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ सहारनपुर से किया। अभियान के तहत आधुनिक तकनीक से भूमि की सटीक पैमाइश और सीमांकन होगा। सरकार का लक्ष्य धारा-24 के तहत लंबित 79,157 मामलों का समयबद्ध निस्तारण, भूमि विवाद कम करना और किसानों व आम नागरिकों को पारदर्शी राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

अब तकनीक से होगी ज़मीन की पैमाइश
अब तकनीक से होगी ज़मीन की पैमाइश
उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि पैमाइश और सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए राज्यव्यापी 'डिजी रोवर (जीएनएसएस) विशेष भूमि पैमाइश अभियान' शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से इस अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 1 जुलाई से 15 अगस्त तक प्रदेश की सभी तहसीलों में चलेगा, जिसके तहत अत्याधुनिक डिजी रोवर (जीएनएसएस) तकनीक की मदद से भूमि की पैमाइश और सीमांकन से जुड़े मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भूमि से जुड़ी सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाना है। उनका कहना है कि डिजी रोवर तकनीक से पहले की तुलना में अधिक सटीक और विश्वसनीय पैमाइश संभव होगी। इससे सीमांकन संबंधी त्रुटियाँ कम होंगी, भूमि विवादों और अनावश्यक मुक़दमेबाज़ी पर नियंत्रण लगेगा तथा किसानों और आम नागरिकों को समय पर राजस्व सेवाएँ मिल सकेंगी।

तकनीक आधारित पैमाइश से कम होंगे भूमि विवाद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय तक भूमि की पैमाइश पारंपरिक जरीब जैसी विधियों से होती रही, लेकिन बदलते समय और बढ़ते भूमि विवादों को देखते हुए आधुनिक तकनीक अपनाना ज़रूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि डिजी रोवर (जीएनएसएस) तकनीक से सीमांकन संबंधी त्रुटियों में कमी आएगी और राजस्व प्रशासन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद लंबे समय से बड़ी चुनौती रहे हैं और इस अभियान से ऐसे मामलों के समाधान की प्रक्रिया तेज़ होगी। साथ ही लोगों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल लंबित मामलों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि भविष्य में भी तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित कर भूमि संबंधी विवादों को न्यूनतम स्तर तक लाना है।

मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और मिशन मोड में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से अभियान का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पैमाइश की पूरी प्रक्रिया तकनीकी मानकों के अनुरूप हो और मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।

करीब 79 हज़ार लंबित मामलों के निस्तारण का लक्ष्य

प्रदेश में वर्तमान में धारा-24 के तहत भूमि पैमाइश और सीमांकन से जुड़े करीब 79,157 प्रकरण लंबित हैं। सरकार ने इस विशेष अभियान के माध्यम से इन मामलों का मिशन मोड में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि किसानों और आम नागरिकों को वर्षों से लंबित समस्याओं से राहत मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राजस्व परिषद ने सभी जनपदों को अभियान के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अभियान का समग्र पर्यवेक्षण और उच्च स्तरीय अनुश्रवण राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल करेंगी, जबकि अभियान की नियमित समीक्षा, प्रगति की मॉनिटरिंग और आवश्यक दिशा-निर्देश आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद की ओर से दिए जाएँगे।

राजस्व परिषद की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (राजस्व), उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल समन्वित रूप से कार्य करेंगे। सभी अधिकारियों को निर्धारित समयावधि के भीतर अधिकतम लंबित पैमाइश मामलों के निस्तारण का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लंबित पैमाइश मामलों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ भूमि संबंधी विवादों को कम करने, किसानों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तकनीक आधारित सुशासन को मज़बूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Tags:
  • Digi Rover
  • GNSS Survey
  • Yogi Adityanath
  • Uttar Pradesh
  • Land Survey
  • Land Demarcation
  • Revenue Department
  • Land Dispute
  • Digital Governance
  • Revenue Services