एथेनॉल पर ग़लतफ़हमियाँ दूर करने के लिए सरकार और किसान संगठन मिलकर करेंगे काम, शिवराज सिंह बोले- इससे बढ़ेगी किसानों की आय

Gaon Connection | Aug 05, 2026, 17:23 IST
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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसान प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। उन्होंने एथेनॉल को कृषि के लिए एक बड़ा अवसर बताया। किसान संगठनों ने नीति को किसान-केंद्रित बनाने का सुझाव दिया। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। सरकार किसानों के सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी।

किसानों ने एथेनॉल नीति पर रखी अपनी बात
किसानों ने एथेनॉल नीति पर रखी अपनी बात
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (एआईकेसीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात कर एथेनॉल को कृषि क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर बताया। किसान संगठनों ने कहा कि यदि एथेनॉल नीति किसान-केंद्रित बनाई जाती है और फसलों का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुँचता है, तो इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मज़बूत होगी। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने किसानों के सुझावों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि एथेनॉल से जुड़े सभी सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

बैठक में किसानों ने स्पष्ट किया कि वे एथेनॉल के विरोध में नहीं हैं, बल्कि उसका समर्थन करते हैं। उनका कहना था कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि इस पूरी व्यवस्था का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुँचे, न कि केवल कंपनियों या बिचौलियों तक सीमित रहे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान हैं और कृषि भवन के दरवाज़े किसानों के लिए हमेशा खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी नीति बनाना है, जिससे खेत से लेकर ईंधन टैंक तक की पूरी श्रृंखला में किसानों का हित सबसे ऊपर रहे।

एथेनॉल से खेती को मिलेगा नया बाज़ार

बैठक में किसानों ने कहा कि एथेनॉल के विस्तार से खेतों की उपज केवल मंडियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र तक भी पहुँचेगी। गन्ना, मक्का, धान और अन्य फसलों से एथेनॉल बनने पर किसानों को अधिक ख़रीदार मिलेंगे और फसलों के भंडारण तथा ख़राब होने की समस्या भी कम होगी। किसानों का कहना था कि एथेनॉल खेती के लिए नई संभावनाएँ लेकर आया है, लेकिन इसका लाभ सीधे किसानों तक पहुँचना चाहिए।

सही जानकारी पहुँचाने पर दिया ज़ोर

बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ फैलाई जा रही हैं। किसानों ने कहा कि एथेनॉल से किन फसलों को क्या लाभ होगा और जल की अधिक आवश्यकता वाली फसलों से कम पानी वाली फसलों की ओर कैसे बढ़ा जा सकता है, इसकी सही जानकारी किसानों तक पहुँचाई जानी चाहिए। इसके लिए रील, छोटे वीडियो और ज़मीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता बताई गई।

किसानों के सुझावों पर नीति की होगी समीक्षा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार की सोच स्पष्ट है कि एथेनॉल कार्यक्रम का लाभ पूरी व्यवस्था को मिले, लेकिन उसका सबसे बड़ा हिस्सा किसानों के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एथेनॉल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। सरकार मक्का, धान, गन्ना और अन्य एथेनॉल फसलों की क़ीमत और माँग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नीति की समीक्षा करेगी, ताकि किसी फसल या किसी राज्य के साथ अन्याय न हो।

किसान और सरकार मिलकर दूर करेंगे ग़लतफ़हमियाँ

बैठक के अंत में यह सहमति बनी कि एथेनॉल से जुड़ी भ्रांतियों को तथ्यों और वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर दूर किया जाएगा। सरकार और किसान संगठन मिलकर ऐसी संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे, जिससे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियाँ तैयार हों। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान संगठन सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में भागीदार हैं और किसानों के सुझावों के आधार पर ऐसा ढाँचा तैयार किया जाएगा, जिससे किसान, कृषि और देश की ऊर्जा सुरक्षा तीनों को मज़बूती मिले।
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