अधिक गर्मी से हो सकती हैं ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, दिन में भूलकर भी ना पीयें ये 4 चीज़ें, जानें कब सबसे अधिक होता है UV किरणों का प्रभाव
Gaon Connection | Apr 14, 2026, 13:58 IST
केरल में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है। केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने लोगों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक धूप से बचने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के कपड़े पहनने को कहा गया है।
UV किरणों से बचने के लिए सनग्लासेस और कवरिंग कपड़े पहनने की सलाह
केरल में बढ़ते तापमान को देखते हुए केरल स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (KSDMA) ने लोगों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी के कारण सनस्ट्रोक, हीट एग्जॉशन और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। KSDMA ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अत्यधिक गर्मी से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।”
एडवाइजरी के मुताबिक लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सीधी धूप में जाने से बचना चाहिए। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में साफ पानी पीने की सलाह दी गई है, भले ही प्यास न लगे। दिन के समय शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूर रहने को कहा गया है क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकते हैं।
ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, बाहर निकलते समय छाता, टोपी और जूते पहनने की भी सलाह दी गई है। इसके अलावा, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए फल, सब्जियां और ओआरएस (ORS) का सेवन बढ़ाने को कहा गया है।
प्राधिकरण ने चेताया है कि भीषण गर्मी के दौरान बाजार, इमारतें और कचरा डंपिंग स्थल आग के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। ऐसे में फायर ऑडिट और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। साथ ही जंगलों में आग लगने की संभावना बढ़ने के कारण वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने और वन विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
एडवाइजरी में शैक्षणिक संस्थानों को साफ पेयजल और कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को पीक हीट के समय असेंबली जैसी बाहरी गतिविधियों से बचने और छात्र यात्राओं में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकायों को भी बच्चों को गर्मी से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
KSDMA ने नियोक्ताओं से कहा है कि वे डिलीवरी कर्मियों और बाहर काम करने वाले श्रमिकों के लिए पर्याप्त विश्राम, सुरक्षा और उचित कपड़ों की व्यवस्था करें। पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान छाता इस्तेमाल करने और पानी पीते रहने की सलाह दी गई है।
कार्यक्रम आयोजकों को सार्वजनिक आयोजनों में छाया और पीने के पानी की व्यवस्था करने तथा संभव हो तो 11 बजे से 3 बजे के बीच कार्यक्रम न रखने को कहा गया है। यात्रियों को सफर के दौरान पानी साथ रखने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई है। वहीं मजदूरों, किसानों और ठेला विक्रेताओं को काम के समय में बदलाव करने और बीच-बीच में ब्रेक लेने को कहा गया है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि पशुओं और पालतू जानवरों को धूप में या बंद वाहनों में न छोड़ा जाए और उन्हें पर्याप्त पानी दिया जाए। इसके साथ ही पानी के संरक्षण और वर्षा जल संचयन पर भी जोर दिया गया है, ताकि संभावित जल संकट से निपटा जा सके।
प्राधिकरण ने बताया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों का प्रभाव सबसे अधिक होता है, जिससे त्वचा और आंखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। मछुआरों, ट्रांसपोर्ट कर्मियों, बाइकर्स और पर्यटकों समेत बाहरी काम करने वालों को सनग्लासेस, टोपी और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
KSDMA ने लोगों से अपील की है कि किसी भी असहजता की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें और मौसम विभाग तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
धूप से बचाव और हाइड्रेशन पर जोर
ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, बाहर निकलते समय छाता, टोपी और जूते पहनने की भी सलाह दी गई है। इसके अलावा, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए फल, सब्जियां और ओआरएस (ORS) का सेवन बढ़ाने को कहा गया है।
आग और जंगलों में बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी
स्कूलों और संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष निर्देश
बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकायों को भी बच्चों को गर्मी से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कामगारों और यात्रियों के लिए सावधानी
कार्यक्रम आयोजकों को सार्वजनिक आयोजनों में छाया और पीने के पानी की व्यवस्था करने तथा संभव हो तो 11 बजे से 3 बजे के बीच कार्यक्रम न रखने को कहा गया है। यात्रियों को सफर के दौरान पानी साथ रखने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दी गई है। वहीं मजदूरों, किसानों और ठेला विक्रेताओं को काम के समय में बदलाव करने और बीच-बीच में ब्रेक लेने को कहा गया है।
पशुओं पर भी असर
यूवी किरणों से खतरा और सावधानी
KSDMA ने लोगों से अपील की है कि किसी भी असहजता की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें और मौसम विभाग तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।