खेती की दवा अब होगी भरोसेमंद, सरकार ने मांगे लोगों से सुझाव

Gaon Connection | Jan 09, 2026, 15:18 IST
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सरकार ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा जारी किया है, जिसका उद्देश्य किसानों को नकली और घटिया कीटनाशकों से बचाना है। नए कानून में दवाओं की सही जांच, डिजिटल निगरानी और नकली दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। किसान और आम लोग इस मसौदे पर 4 फरवरी 2026 तक अपनी राय दे सकते हैं।
किसानों को नकली कीटनाशकों से राहत: सरकार लाई नया कीटनाशक कानून
किसानों को नकली कीटनाशकों से राहत: सरकार लाई नया कीटनाशक कानून
सरकार ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा तैयार किया है और इस पर लोगों से सुझाव माँगे हैं। यह नया विधेयक पुराने कीटनाशक अधिनियम, 1968 और कीटनाशक नियम, 1971 की जगह लेगा। सरकार का कहना है कि पुराने कानून आज की जरूरतों के हिसाब से नहीं हैं, इसलिए उन्हें बदला जा रहा है।

इस विधेयक का मुख्य मकसद यह है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता और सुरक्षित कीटनाशक मिलें। कई बार बाजार में नकली या घटिया कीटनाशक आ जाते हैं, जिससे फसल खराब हो जाती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। नया कानून ऐसे कीटनाशकों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया है।

सरकार कहती है कि यह एक किसान-केंद्रित विधेयक है। इसमें यह व्यवस्था की जा रही है कि हर कीटनाशक का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, वह कहाँ बना, कैसे बिका और किसान तक कैसे पहुँचा। इससे नकली दवाओं को पकड़ना आसान होगा।

इसके अलावा, कई काम डिजिटल तरीके से किए जाएंगे, जैसे लाइसेंस, निगरानी और शिकायत दर्ज करना। इससे किसानों और दुकानदारों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

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नए मसौदे में यह भी कहा गया है कि छोटी-छोटी गलतियों के लिए लोगों को अपराधी नहीं बनाया जाएगा। ऐसे मामलों में जुर्माना भरकर मामला निपटाया जा सकेगा। लेकिन जो लोग जानबूझकर नकली या घटिया कीटनाशक बेचेंगे, उनके लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माना रखा जाएगा।

इस विधेयक में यह नियम भी जोड़ा गया है कि कीटनाशकों की जांच करने वाली लैब को सरकारी मान्यता लेना जरूरी होगा। इससे यह भरोसा बनेगा कि जो कीटनाशक किसानों को मिल रहा है, उसकी सही तरह से जांच हुई है और वह नुकसानदेह नहीं है।

लोग कब तक सुझाव दे सकते हैं?

सरकार ने इस मसौदे को अपनी वेबसाइट agriwelfare.gov.in पर डाल दिया है। किसान, विशेषज्ञ, दुकानदार और आम लोग इस पर अपनी राय दे सकते हैं। सुझाव 4 फरवरी 2026 तक ई-मेल के जरिए भेजे जा सकते हैं।

आज खेती में कीटनाशकों का इस्तेमाल बढ़ गया है। अगर दवा सही न हो तो फसल, मिट्टी, पानी और इंसान, सबको नुकसान हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह नया कानून किसानों की सुरक्षा, फसल की गुणवत्ता और खेती को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वूपूर्ण कदम है।

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