फार्मर रजिस्ट्री अभियान में उत्तर प्रदेश ने पकड़ी रफ्तार, 2.28 करोड़ किसानों का पंजीकरण पूरा
Preeti Nahar | May 25, 2026, 16:47 IST
Yogi Adityanathसरकार का फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 2.28 करोड़ से ज्यादा किसानों का पंजीकरण हो चुका है। किसानों और जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी और पारदर्शिता से मिल सकेगा। यह अभियान प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।
UP Farmer registry
Yogi Adityanathके नेतृत्व में यूपी तेजी से डिजिटल खेती की तरफ बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का फायदा जल्दी और बिना परेशानी मिले, इसके लिए सरकार फार्मर रजिस्ट्री अभियान चला रही है। सरकार की तेज कार्रवाई के चलते अब तक 2.28 करोड़ से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जो तय लक्ष्य का करीब 79 फीसदी है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए कुल 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,28,36,658 किसानों का नामांकन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 60,33,837 किसानों का पंजीकरण अभी बाकी है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार वर्तमान गति को देखते हुए किसानों की डिजिटल आईडी तैयार करने की प्रक्रिया 20 अगस्त 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में संचालित किया है। जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके।
फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान, कृषि ऋण सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।
प्रदेश सरकार केवल किसानों के पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को भी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में जमीन संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि फार्मर रजिस्ट्री अभियान उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों को सरकारी सहायता, अनुदान और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान और तेज होगी।
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को इसी व्यापक बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
नवंबर 2024 से शुरू हुआ अभियान
सरकारी अधिकारियों के अनुसार वर्तमान गति को देखते हुए किसानों की डिजिटल आईडी तैयार करने की प्रक्रिया 20 अगस्त 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
मिशन मोड में काम कर रही योगी सरकार
फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान, कृषि ऋण सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।
अंश निर्धारण का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ा
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में जमीन संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।